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बैंक का रिकवरी एजेंट ग्राहक को नहीं कर सकता परेशान, जानिए ग्राहक को क्या-क्या अधिकार हासिल हैं

आरबीआई की गाइडलाइंस में कहा गया है कि रिकवरी एजेंट्स के पास वैलिड आईडी होना जरूरी है। इसके अलावा उनके पास बैंक या एनबीएफसी की तरफ से अथॉराइजेशन भी होना चाहिए। आप घर आए एजेंट से उसका आईडी मांग सकते हैं

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Dec 25, 2025 पर 10:57 PM
बैंक का रिकवरी एजेंट ग्राहक को नहीं कर सकता परेशान, जानिए ग्राहक को क्या-क्या अधिकार हासिल हैं
अगर ग्राहक नहीं चाहता कि उसके घर बैंक या एनबीएफसी का कोई प्रतिनिधि आए तो वह लिखित में बैंक या एनबीएफसी को इस बारे में सूचित कर सकता है।

लोन की ईएमआई किसी वजह से नहीं चुकाने पर बैंक या एनबीएफसी के रिकवरी एजेंट ग्राहक के घर तक पहुंच जाते हैं। आए दिन ऐसे एजेंट्स के ग्राहकों के साथ बदतमीजी करने की खबरें आती रहती हैं। इस बारे में आरबीआई के स्पष्ट निर्देश हैं। इन निर्देशों के बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं। इसलिए वे रिकवरी एजेंट्स का सामना करने से डरते हैं।

रिकवरी एजेंट के पास वैलिड आईडी होना चाहिए

सबसे पहले यह समझ लेना जरूरी है कि रिकवरी एजेंट्स के पास किसी तरह का कानूनी अधिकार नहीं होता है। वे पुलिस नहीं हैं, जिससे वे आपके घर में जबर्दस्ती नहीं घुस सकते हैं। आरबीआई की गाइडलाइंस में कहा गया है कि रिकवरी एजेंट्स के पास वैलिड आईडी होना जरूरी है। इसके अलावा उनके पास बैंक या एनबीएफसी की तरफ से अथॉराइजेशन भी होना चाहिए। आप घर आए एजेंट से उसका आईडी मांग सकते हैं। अगर आईडी है तो फिर आप उसके साथ बात कर सकते हैं। अगर आईडी नहीं है तो आपको उससे बात करने की कोई जरूरत नहीं है।

रिकवरी एजेंट सुबह 8 से शाम 7 बजे के बीच कर सकता है फोन

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