Bank Savings Account:  एक बैंक में मेरे 3 सेविंग्स अकाउंट्स हैं जिनमें काफी पैसे जमा हैं, क्या इसमें कोई रिस्क है?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकारी या प्राइवेट बैंक में सेविंग्स अकाउंट ओपन करने और ट्रांजेक्शंस के लिए उसका इस्तेमाल करने में कोई रिस्क नहीं है। लेकिन, जब बात इन अकाउंट्स में बड़ा अमाउंट रखने की बात आती है तो फिर मामला थोड़ा बदल जाता है

अपडेटेड Mar 07, 2026 पर 7:58 PM
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सेविंग अकाउंट्स में रखे पैसे पर इंटरेस्ट काफी कम मिलता है।

बैंक के सेविंग्स अकाउंट्स में पैसा रखने में कोई खराबी नहीं है। बैंक अकाउंट में हर महीने सैलरी आती है। किसी को पैसे भेजने या किसी से पैसे मंगाने के लिए सेविंग अकाउंट जरूरी है। सवाल है कि आपको सेविंग्स अकाउंट में मैक्सिमम कितने पैसे रखने चाहिए? यह सवाल कई लोगों के मन में चलता रहता है।

सेविंग्स अकाउंट का इस्तेमाल जरूरी ट्रांजेक्शन के लिए 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकारी या प्राइवेट बैंक में सेविंग्स अकाउंट ओपन करने और ट्रांजेक्शंस के लिए उसका इस्तेमाल करने में कोई रिस्क नहीं है। लेकिन, जब बात इन अकाउंट्स में बड़ा अमाउंट रखने की बात आती है तो फिर मामला थोड़ा बदल जाता है। हालांकि, कई लोग इस पहलू को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते हैं। उन्हें लगता है कि घर में पैसे रखने के मुकाबले सेविंग्स अकाउंट में पैसे रखना ज्यादा सुरक्षित है। ऐसा सोचना कुछ हद तक सही है। लेकिन, पूरी तरह से सच नहीं है।


बैंक सेविंग्स अकाउंट पर आरबीआई के नियम लागू होते हैं

प्राइवेट, सरकारी और विदेशी बैंक आरबीआई के नियमों के तहत आते हैं। इस बात से लोगों को बैंक में रखा अपना पैसा सुरक्षित लगता है। आरबीआई समय-समय पर ग्राहकों के हित में बैंकों के लिए निर्देश जारी करता रहता है। वह यह सुनिश्चित करता है कि किसी बैंक का नियम ग्राहकों के हित के खिलाफ नहीं होने चाहिए। किसी बैंक की सेवाओं को लेकर शिकायत मिलने पर वह तुरंत कार्रवाई करता है।

सेविंग्स अकाउंट में डिपॉजिट पर इंश्योरेंस कवर मिलता है

सवाल है कि अगर बैंक किसी वजह से डूब जाता है या फ्रॉड हो जाता है तो आपके सेविंग्स अकाउंट में रखे पैसे का क्या होगा? खासकर अगर आपके सेविंग्स अकाउंट में काफी ज्यादा पैसे हैं तो क्या होगा? बैंक के सेविंग्स अकाउंट को इंश्योरेंस कवर हासिल है। डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) यह कवर देता है। लेकिन, इसके लिए हर सेविंग्स अकाउंट में डिपॉजिट की लिमिट तय है। इसका मतलब है कि अकाउंट में रखा आपका पूरा पैसा कवर नहीं होता है।

सेविंग्स अकाउंट में डिपॉजिट पर 5 लाख का इंश्योरेंस कवर

आरबीआई के नियम के मुताबिक, सभी कमर्शियल बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और कोऑपरेटिव बैंकों में प्रति बैंक प्रति डिपॉजिटर 5 लाख रुपये तक का इंश्योरेंस कवर मिलता है। इसका मतलब है कि अगर किसी एक बैंक में आपके कई सेविंग्स अकाउंट हैं तो भी कुल इंश्योरेंस कवर 5 लाख रुपये तक ही मिलेगा। इसका मतलब है कि अगर एक बैंक में आपके तीन सेविंग्स अकाउंट हैं और हर अकाउंट में 3-3 लाख रुपये जमा है तो भी कुल कवर सिर्फ 5 लाख रुपये पर ही मिलेगा।

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सेविंग्स अकाउंट में ज्यादा अमाउंट रखने में है रिस्क

अगर किसी डिपॉजिटर का एक बैंक में एक से ज्यादा सेविंग्स अकाउंट है और हर अकाउंट में ज्यादा अमाउंट है तो 5 लाख रुपये से ज्यादा के अमाउंट पर कवर हासिल नहीं होगा। इसका मतलब है कि अगर किसी वजह से बैंक डूब जाता है तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। आप कानूनी रूप से अपना पूरा पैसा वापस पाने का दावा नहीं कर सकते। इस वजह से सेविंग्स अकाउंट में बहुत ज्यादा पैसा रखना समझदारी नहीं है। सेविंग अकाउंट्स में रखे पैसे पर इंटरेस्ट भी काफी कम मिलता है। इसलिए भी ज्यादा पैसा रखना समझदारी नहीं है।

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