Bank Stocks : अनसिक्योर्ड लोन पर RBI ने सख्त फैसला लिया है। इसने बैंकों के असेट क्लॉसीफिकेशन और प्रोविजनिंग के नए नियम जारी किए हैं। अब संभावित क्रेडिट लॉस के आधार पर प्रोविजनिंग तय होगी। सिक्योर्ड लोन के लिए भी मिनिमम प्रोविजनिंग करनी होगी। होम और गोल्ड लोन पर 1.5% की प्रोविजनिंग करनी होगी। इससे बैंकों के मार्जिन पर असर पड़ सकता है। नए नियम अगले साल 1 अप्रैल से लागू होंगे। ऐसे में सवाल ये है कि इन नियमों के मद्देनजर बैंक शेयरों में क्या करें? यहां इसी को समझने की कोशिश की जा रही है।
कल शाम RBI ने फाइनल ECL गाइडलाइंस जारी किए हैं जो 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे। आरबीआई ने तीन स्टेज वाले प्रोविजनिंग मॉडल जारी किए हैं।
इसके स्टेज 1 में 12 महीने का लॉस प्रोविजन और स्टेज 2 & 3 में लाइफटाइम लॉस प्रोविजन शामिल हैं। स्टेज 1 के तहत प्रोविजनिंग फ्लोर की दर 0.25-0.40% और अनसिक्योर्ड रिटेल लोन पर 1% होगी। स्टेज में प्रोविजनिंग फ्लोर ज्यादातर लोन पर 5% और होम और गोल्ड लोन पर 1.5% होगी। 90 दिन का NPA क्लासिफिकेशन पहले जैसा ही रहेगा। एक लोन में डिफॉल्ट होने पर उसी बॉरोअर के सभी लोन NPA माने जाएंगे। बैंकों को मार्च 2030 तक इफेक्टिव इंटरेस्ट रेट(EIR) आधारित इनकम रिकग्निशन अपनाना होगा। ट्रांजिशन के असर को रिजर्व से एडजस्ट किया जाएगा ना कि मुनाफे से।
Macquarie की रिपोर्ट में कहा गया सरकारी बैंक की नेटवर्थ पर एक बार में 5-10% का असर होगा। इससे सरकारी बैंक की क्रेडिट कॉस्ट में 20-25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी संभव है। प्राइवेट सेक्टर बैंकों पर इसका बहुत कम असर होगा। उधर सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि आरबीआई के नए नियम RBI लॉन्ग टर्म में अच्छे साबित होंगे, लेकिन आज ये बैंकिंग शेयरों की मुश्किल बढ़ा सकते हैं।
निफ्टी बैंक पर अनुज सिंघल की स्ट्रैटेजी
बैंक निफ्टी की ऑप्शन्स रेंज 55700-56500 है। आज देखना होगा कि RBI नियमों का कितना असर पड़ता है। एग्रीगेट लेवल पर इतना असर नहीं होगा। मगर बैंक निफ्टी पहले ही थकान के संकेत दे चुका है। ठीक 200 DMA पर जाकर बैंक निफ्टी में रिवर्सल हुआ है। ऐसे में बड़ी तेजी 57300 के ऊपर ही आएगी। वहीं, अगर 55500 टूटा तो बड़ी करेक्शन हो सकती है।
बैंकिंग सेक्टर के किन शेयरों पर रहे नजर
सीएनबीसी-आवाज के अनुज सिंघल का कहना है कि चौथी तिमाही में AU Small Finance Bank ने अच्छे नतीजे पेश किए। इसका मुनाफा 65% बढ़ा है। ब्याज से होने वाली कमाई में 23% से ज्यादा की बढ़त हुई है। असेट क्वॉलिटी में भी सुधार दिखा है। AU बैंक लगातार पसंदीदा शेयर रहा है। पिछले महीने भी शॉर्ट करने से मना किया था। वहां से शेयर का मूव देख लीजिए। Q4 में AU बैंक के नतीजे जोरदार रहे हैं। ब्याज से होने वाली कमाई 23% और मुनाफा 65% बढ़ा (YoY) है। सालाना आधार पर लोन ग्रोथ 21% और डिपॉजिट 23% बढ़े हैं। NIM सुधरकर 5.96%, RoA 1.8% और RoE 17% पर रहा है। GNPA 2.03% और NNPA 0.74% पर आ गया है। मैनेजमेंट ने क्रेडिट कॉस्ट 90 बेसिस प्वाइंट और कॉस्ट-टू-असेट 4% से कम रहने का गाइडेंस दिया है। हालांकि शेयर चल चुका है। ऐसे में ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली आ सकती है। अब ये "Buy on dips" का शेयर है।
दूसरी और यूनियन बैंक, BoI और PNB पर आज RBI की नई सख्त ECL गाइडलाइंस के चलते दबाव देखने को मिल रहा है। आरबीआई ने 3-स्टेज प्रोविजनिंग मॉडल शुरू किया है। अब एक भी लोन NPA हुआ तो बाकी लोन भी NPA होंगे। सिक्योर्ड लोन पर भी मिनिमम प्रोविजनिंग करनी होगी।
पीएसयू बैंकिंग शेयरों की चाल
यूनियन बैंक 3.91 रुपए यानी 2.22 फीसदी की गिरावट के साथ 172 रुपए के आसपास दिख रहा है। वहीं, बैंक ऑफ इंडिया 3.16 रुपए यानी 2.14 फीसदी की कमजोरी के साथ 144 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। बैंक ऑफ बड़ोदा 2.67 रुपए यानी 0.97 फीसदी की गिरावट के साथ 271 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। PNB भी 1.24 रुपए यानी1.09 फीसदी की कमजोरी के साथ 112 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है।
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