Digital Rupee: भारत की अपनी आधिकारिक डिजिटल करेंसी (Digital Currency) साल 2023 की शुरुआत में लॉन्च होने की संभावना है। यह मौजूदा समय में किसी प्राइवेट कंपनी द्वारा चलाई जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट (Electronic Wallets) जैसी ही होगी। लेकिन इसके साथ सरकारी गारंटी जुड़ी होगी। इस बात की जानकारी एक टॉप अधिकारी ने दी है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने पिछले हफ्ते पेश किए बजट में कहा था कि केंद्रीय बैंक जल्द ही डिजिटल रुपया (Digital Rupee) लॉन्च करेगा।
एक टॉप अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि RBI द्वारा जारी डिजिटल करेंसी (digital currency) में भारतीय करेंसी की तरह विशिष्ट अंक होंगे। यह फिएट (fiat) करेंसी से अलग नहीं होगा। यह उसका डिजिटल रूप होगा। बता दें कि फिएट करेंसी सरकार द्वारा जारी की जाने वाली करेंसी को कहा जाता है। इसलिए एक प्रकार से कह सकते हैं कि डिजिटल रुपया, सरकारी गारंटी वाला डिजिटल वॉलेट होगा।
डिजिटल करेंसी के रूप में जारी यूनिट्स को चलन में मौजूद करेंसी में शामिल किया जाएगा। यह फिएट करेंसी से बहुत अलग नहीं होगा। यह करेंसी के इलेक्ट्रॉनिक रूप की तरह होगा। इसका मतलब यह सरकार द्वारा अनिवार्य इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट होगा। सूत्रों ने बताया कि RBI ने संकेत दिया है कि डिजिटल रुपया अगले वित्त वर्ष के आखिरी तक तैयार हो जाएगा। रिजर्व बैंक द्वारा बनाया गया डिजिटल रुपया ब्लॉकचेन, सभी तरह के ट्रांजैक्शन किए जा सकेंगे। प्राइवेट कंपनियों के मोबाइल वॉलेट में फिलहाल यह सिस्टम नहीं है। सूत्र ने आगे बताते हुए कहा कि प्राइवेट कंपनियों के इलेक्ट्रॉनिक वॉलेट का इस्तेमाल करते हुए लोग अभी पैसा प्राइवेट कंपनियों को ट्रांसफर करते हैं। यह पैसा उनके पास रहता है और ये कंपनियां किसी ट्रांजैक्शन पर ग्राहकों की ओर से मर्चेंट यानी दुकानदारों आदि को पेमेंट करती हैं।
फोन में रख सकेंगे डिजिटल करेंसी
वहीं डिजिटल रुपये के मामले में लोगों के पास डिजिटल करेंसी फोन में रहेगी और यह केंद्रीय बैंक के पास होगी। केंद्रीय बैंक के पास से इसे किसी दुकानदार आदि को ट्रांसफर किया जाएगा। इस पर पर पूरी तरह सरकार की गारंटी होगी। जब पैसा किसी कंपनी के ई-वॉलेट में ट्रांसफर किया जाता है, तो उस कंपनी का क्रेडिट जोखिम (credit risk) भी इस पैसे से जुड़ा होता है। इसके अलावा ये कंपनियां शुल्क भी लगाती हैं। सूत्र ने आगे कहा कि इस वॉलेट को लेकर चलने के बजाय मैं पैसा अपने फोन में रखना चाहूंगा।
डिजिटल अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
साल 2022-23 के बजट में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (Central Bank Digital Currency -CBDC) की शुरुआत से डिजिटल अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। वित्त मंत्री ने कहा था, डिजिटल करेंसी एक अधिक कुशल और सस्ती करेंसी (more efficient and cheaper currency) मैनेजमेंट सिस्टम को भी बढ़ावा देगी। इसलिए RBI द्वारा 2022-23 से जारी किए जाने वाले ब्लॉकचेन और अन्य तकनीकों का उपयोग करते हुए डिजिटल रुपया पेश करने का प्रस्ताव है। इस सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को नियंत्रित करने वाले सटीक रेगुलेशन (regulation) को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।