प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने 22 जुलाई को पिछली यूपीए सरकार (UPA government) पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र को "घोटालों" से नष्ट कर दिया। उनकी सरकार ने इसकी अच्छी वित्तीय स्थिति बहाल कर दी है। भारत अब इस क्षेत्र की ताकत के लिए जाना जाता है। 70,000 से अधिक वर्चुअली नियुक्ति पत्र देने के बाद रोजगार मेले (Rozgar Mela) को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि इन नियुक्तियो में से बड़ी संख्या में बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उनकी सरकार द्वारा सुधारात्मक उपाय करने से पहले पिछली व्यवस्था के तहत इस सेक्टर को कैसे "बर्बाद" कर दिया गया था।
फोन बैंकिंग घोटाले ने बैंकिंग प्रणाली की कमर तोड़ी
उन्होंने कहा कि "फोन बैंकिंग" घोटाला पिछली सरकार के सबसे बड़े घोटालों में से एक था। इसने बैंकिंग प्रणाली की कमर तोड़ दी थी। उन्होंने कहा, "उस सरकार के लिए फोन बैंकिंग का आइडिया अलग था क्योंकि कुछ शक्तिशाली नेताओं और परिवारों के पसंदीदा लोगों को हजारों करोड़ रुपये का लोन दिया गया था। उन लोन्स को कभी वापस नहीं किया जाना था।"
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने इस सेक्टर की मदद के लिए बैंकों के प्रबंधन को मजबूत करने, छोटे बैंकों का विलय करने और व्यावसायिकता लाने सहित कई उपाय किये हैं। पीएम मोदी ने कहा, "सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पहले हजारों करोड़ रुपये के घाटे और नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPAs) के लिए जाने जाते थे, लेकिन अब वे रिकॉर्ड मुनाफे के लिए जाने जाते हैं।"
बैंकिंग कर्मचारियों के काम की तारीफ
उन्होंने लोगों की सेवा करने और 'मुद्रा' ('Mudra') योजना के तहत लोन के जरिये गरीबों और असंगठित क्षेत्रों की मदद करने के लिए बैंक कर्मचारियों की तारीफ की। इसके साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों (women self-help groups) का समर्थन करने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता की भी प्रशंसा की।
मोदी ने कहा कि भारत वैश्विक विश्वास और आकर्षण (global trust and attraction) के केंद्र के रूप में उभरा है। देश को इसका पूरा उपयोग करना होगा। उन्होंने कहा, ''विभिन्न क्षेत्रों में अवसर बढ़ रहे हैं।''