टियर 3 और टियर 4 शहरों में घरों की मांग बढ़ी है। SBI की एक रिपोर्ट से यह जानकारी मिली है। इस रिपोर्ट में पहली बार घर खरीदने के लिए लोन लेने वाली महिलाओं पर फोकस किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में टियर 3 और टियर 4 जिलों में होम लोन डिस्बर्समेंट में महिला ग्राहकों की संख्या बढ़ी है।
फाइनेंशियल ईयर 2021-22 में ऐसे 20 जिले हैं, जिसमें होम लोन डिस्बर्सल में महिलाओं ग्राहकों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। इनमें छह जिले छत्तीसगढ़ के हैं। तीन जिले गुजरात के हैं। हरियाणा के भी तीन जिले हैं। इन जिलों की कुल आबादी में महिलाओं की औसत हिस्सेदारी 49 फीसदी है।
गुजरात के डांग जिले में नए होम लोन में महिला ग्राहकों की हिस्सेदारी 86 फीसदी है। बिहार के अरवल में 75 फीसदी है। गुजरात के बोटाड में 63 फीसदी है। फाइनेंशियल ईयर में 2021-22 में होम लोन के कुल पोर्टफोलियो की ग्रोथ 10 फीसदी से ज्यादा रही। कोरोना की महामारी के बाद टियर 3 और टियर 4 इलाकों में होम लोन की ग्रोथ टियर 1 और टियर 2 जिलों के मुकाबले ज्यादा रही।
फाइनेंशियल ईयर 2021-22 और 2018-19 के बीच होम लोन पोर्टफोलियो की CAGR 11 फीसदी रही। इसके मुकाबले टियर 3 और टियर 4 जिलों में होम लोन पोर्टफोलियो की CAGR 12 से 13 फीसदी रही। टियर 2 जिलों में नए डिस्बर्सल भी ज्यादा रही।
फाइनेंशियल ईयर 2019-2020 के बाद शिड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों की क्रेडिट ग्रोथ बढ़ी है। इसके रिटेल ग्रोथ की अच्छी हिस्सेदारी रही है। SBI की रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2022 में बैंक क्रेडिट में हाउसिंग लोन की हिस्सेदारी बढ़कर 14.4 फीसदी हो गई। मार्च 2020 में यह 13.1 फीसदी थी।
फाइनेंशियल ईयर 2019-20 में ASCB क्रेडिट ग्रोथ ने यू-टर्न लिया है। इसमें रिटेल क्रेडिट का ज्यादा हाथ रहा है। कुल बैंक क्रेडिट में रिटेल क्रेडिट/पर्सनल लोन की हिस्सेदारी जून 2022 में बढ़कर 29.1 फीसदी हो गई। मार्च 2020 में यह 26.2 फीसदी थी।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कई टियर 2 शहरों में घरों की कीमतें बढ़ी हैं। विशाखापत्तनम में 11.3 फीसदी, गुवाहाटी में 15.7 फीसदी, रायपुर में 19.1 फीसदी, सूरत में 11.2 फीसदी, वडोडरा में 12.6 फीसदी, जयपुर में 9.6 फीसदी और लखनऊ में 17.4 फीसदी बढ़ी है।