देश के अलग-अलग बैंकों में हजारों करोड़ रुपये लावारिस पड़े हुए हैं। मतलब साफ है कि इन पैसों का कोई दावेदार नहीं है। इस पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक अलर्ट जारी किया है। RBI ने कहा है कि 10 साल से अधिक समय से सेविंग अकाउंट, करेंट अकाउंट या टर्म डिपॉजिट को ऑपरेट नहीं किया गया है। उन्हें अनक्लेम्ड डिपॉजिट के तौर पर पहचान की जाएगी। इन अकाउंट्स में जमा पैसों को डिपॉजिट एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड में ट्रांसफर किया जाएगा। जिसकी देखरेख RBI करेगा।
कहने का मतलब ये हुआ कि अगर आप किसी अकाउंट में पैसे जमा करके भूल गए हैं। 10 साल से उस अकाउंट की कोई सुध नहीं ली। किसी भी तरह का कोई ट्रांजैक्शन नहीं किया गया तो रिजर्व बैंक उन पैसों को बिना दावे की कैटेगरी (अनक्लेम्ड राशि) में डाल देगा। लिहाजा इससे बचने के लिए तुंरत उस अकाउंट से ट्रांजैक्शन कर लें।
बता दें कि पिछले कुछ सालों से अनक्लेम्ड राशि तेजी से बढ़ती जा रही है। ऐसे में RBI ने देश भर में एक कैंपेन चलाने की तैयारी की है। यह कैंपेन खास तौर से उन राज्यों में सबसे ज्यादा फोकस किया जाएगा, अनक्लेम्ड राशि सबसे ज्यादा है। रिजर्व बैंक की एक सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021-22 में बैंकों में अनक्लेम्ड राशि बढ़कर 48,262 करोड़ रुपये पहुंच गई। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह राशि 39,264 करोड़ रुपये थी। रिजर्व बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि इसमें से ज्यादातर राशि तमिलनाडु, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, बंगाल, कर्नाटक, बिहार और तेलंगाना/आंध्र प्रदेश के बैंकों में जमा हैं।
जानिए क्या है अनक्लेम्ड राशि
RBI के नियमों के मुताबिक, ऐसे सेविंग, करेंट अकाउंट, जिनमें 10 साल तक लगातार किसी भी तरह का कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ है। इसके साथ ही ऐसे फिक्स्ड डिपॉजिट जिसकी मैच्योरिटी की तारीख से 10 साल तक कोई दावा नहीं किया गया है। उसे बिना दावा वाली (अनक्लेम्ड) जमा रकम माना जाता है। हालांकि, जमा करने वाले इसके बाद भी बैंक से अपने पैसे पाने के हकदार हैं। उन्हें इसका ब्याज भी मिलेगा।