यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में 15 बेसिस प्वाइंट्स (BPS) की बढ़ोतरी की है। ये रिवाइज ब्याज दरें 11 अक्टूबर से 10 नवंबर 2022 तक प्रभावी हैं। बैंक के इस रिवीजन से एमसीएलआर बेंचमार्क से जुड़े सभी तरह के लोन महंगे हो जाएंगे। इसमें सभी ऑटो, पर्सनल और होम लोन जैसे ज्यादातर लोन शामिल है। कोई भी बैंक MCLR रेट से नीचे ब्याज पर लोन नहीं दे सकता।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने MCLR में जो ओवरनाइट के लि पहले 7% था, वह अब बढ़कर 7.15% हो गया है। अब एक महीना, तीन महीना और छह महीने के लिए ब्याज दरें 7.30%, 7.50% और 7.70% हो गई है। अब एक साल का एमसीएलआर, दो साल का एमसीएलआर और तीन साल का एमसीएलआर क्रमश: 7.90%, 8.10% और 8.25% हो गया है। ये नई दरें 12 अक्टूबर 2022 से लागू होंगी।
RBI के रेपो रेट बढ़ाने के बाद महंगे किये लोन
महंगाई दर पर काबू पाने के लिए रिजर्व बैंक के बेंचमार्क ब्याज दरें रेपो रेट को बढ़ाया, जिसके बाद भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और एचडीएफसी सहित कई बैंकों ने MCLR रेट को बढ़ा दिया। राज्य के स्वामित्व वाले बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BOM) ने सोमवार को फंड आधारित उधार दरों (एमसीएलआर) की सीमांत लागत में 0.20 प्रतिशत या 20 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की नई दर अब 9.50 फीसदी है।
4 बार बढ़ चुकी है रेपो रेट
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मई से लगातार रेपो रेट 4 बार बढ़ाई है। RBI ने कुल 190 बेसिस पॉइंट्स (bps) की कुल बढ़ोतरी बीते 4 बार में कर चुका है। उसके बाद बैंकों ने MCLR को बढ़ाया है लेकिन अगर तुलना की जाए तो उतनी ज्यादा FD की दरें नहीं बढ़ाई गई है।