Unity Small Finance Bank : सेंट्रम ग्रप (Centrum Group) और पेमेंट ऐप भारतपे (Bharatpe) 51:49 हिस्सेदारी वाले ज्वाइंट वेंचर यूनिटी स्माल फाइनेंस बैंक (यूएसएफबी) ने गुरुवार को कहा कि वह अमलगमेशन या एकीकरण की स्कीम के तहत पंजाब एंड महाराष्ट्र कोऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के डिपॉजिटर्स को पूरे प्रिंसिपल का भुगतान किया जाएगा।
डिपॉजिटर्स विलय का कर रहे हैं विरोध
PMC Bank के डिपॉजिटर्स ने सहकार भारती की अगुवाई में इस स्कीम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने के ऐलान के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। सहकार भारती RBI के बोर्ड मेंबर सतीश मराठे द्वारा स्थापित कोऑपरेटिव सोसाइटी है। हाल में एक रिलीज में सहकार भारती ने दलील दी कि यह विलय एकतरफा और डिपॉजिटर्स के हक के खिलाफ है।
बैंक के साथ बने रहने का विकल्प चुन सकते हैं डिपॉजिटर्स
बैंक ने एक प्रेस रिलीज में कहा, “5 लाख तक डिपॉजिट वाले 96 फीसदी डिपॉजिटर्स का अपफ्रंट (डीआईसीजीसी के नियमों की शर्तों के तहत) भुगतान किया जाएगा। ये डिपॉजिटर्स यूनिटी बैंक के साथ बने रहने या इस धनराशि को निकालने; और 7 फीसदी की आकर्षक ब्याज दरों का लाभ लेने और अतिरिक्त डिपॉजिट करने का विकल्प चुन सकते हैं।” बैंक अपने सेविंग अकाउंट पर 7 फीसदी तक ब्याज की पेशकश कर रही है।
इंस्टीट्यूशनल डिपॉजिटर्स को प्रिफरेंस शेयर
लेंडर ने कहा कि पात्र डिपॉजिट बैलेंस के बदले में इंस्टीट्यूशनल डिपॉजिटर्स को प्रिफरेंस शेयर (80 फीसदी) और इक्विटी शेयर वारंट (20 फीसदी) मिलेंगे। बैंक के आईपीओ के समय वारंट्स को इक्विटी शेयरों में कनवर्ट कर दिया जाएगा। बैंक ने कहा, “हमारे शेयरहोल्डर्स कैश और वारंट्स के जरिये 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कैपिटल लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जिसे बैंक की मजबूत नींव तैयार करने, सही टैलेंट को भर्ती करने और एक निर्बाध डिजिटल अनुभव देने के लिए सर्वश्रेष्ठ टेक्नोलॉजी लाने में इस्तेमाल किया जाएगा। हम नए बैंकिंग प्रोडक्ट्स विकसित करके विभिन्न कस्टमर्स और बिजनेसेस को सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
वित्त मंत्रालय ने जारी किया नोटिफिकेशन
बैंक ने कहा, “वित्त मंत्रालय ने 25 जनवरी, 2022 को एक गैजेट नोटिफिकेशन जारी करके पीएमसी बैंक के यूनिटी बैंक के साथ एकीकरण योजना को मंजूरी दे दी और इसे नोटिफाई कर दिया।” पीएमसी बैंक की लगभग 110 ब्रांच हैं और यूनिटी बैंक के रूप में 1,100 से ज्यादा कर्मचारी इसे ऑपरेट करेंगे।
डिपॉजिटर्स को कब मिलेगा उनका पैसा?
योजना के मुताबिक, पहले चरण के भुगतान में सभी योग्य डिपॉजिटर्स को डिपॉजिट इंश्योरेंस क्रेडिट गारंटी स्कीम (DIGC) के तहत 5 लाख रुपये तक की राशि मिलेगी। इसके बाद बची रकम का, अगले 10 सालों की अवधि में उन्हें धीरे-धीरे भुगतान किया जाएगा। इस दौरान, डिपॉजिटर्स को पहले साल से पाचवें साल में 50 हजार से लेकर 5.5 लाख रुपये तक की राशि मिलेगी और बाकी की बची पूरी राशि 10वें साल के अंत में मिलेगी।