बैंक अकाउंट बंद करना अकसर लोगों के लिए एक सामान्य प्रक्रिया लगती है, लेकिन असलियत में इसमें कई बारीकियां छिपी होती हैं। अगर ग्राहक ध्यान न दें तो उन्हें अनचाहे चार्ज और पेनल्टी का सामना करना पड़ सकता है। हाल ही में सामने आई जानकारी के मुताबिक, अकाउंट क्लोजर से पहले कुछ अहम बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
कौन-कौन से चार्ज लग सकते हैं?
- मिनिमम बैलेंस चार्ज: अगर आपके अकाउंट में बैंक द्वारा तय औसत मासिक बैलेंस नहीं रहा है, तो क्लोजर के समय पेंडिंग चार्ज काटे जा सकते हैं।
- डेबिट/क्रेडिट कार्ड फीस: कई बैंक अकाउंट बंद करते समय कार्ड से जुड़ी वार्षिक फीस या बकाया चार्ज वसूलते हैं।
- निगेटिव बैलेंस: अगर पहले से ही चार्ज या पेनल्टी के कारण अकाउंट में निगेटिव बैलेंस है, तो क्लोज़र से पहले उसे क्लियर करना होगा।
ग्राहकों के लिए जरूरी कदम:
- अकाउंट बंद करने से पहले बैंक से लिखित में क्लोज़र चार्ज और पेंडिंग फीस की जानकारी लें।
- सभी ऑटो-डेबिट इंस्ट्रक्शन्स और ECS को कैंसिल करें ताकि बाद में कोई पेनल्टी न लगे।
- सुनिश्चित करें कि अकाउंट में कोई निगेटिव बैलेंस न हो।
- ITR या अन्य वित्तीय दस्तावेज़ों में सही बैंक अकाउंट डिटेल्स अपडेट करें ताकि रिफंड या ट्रांजैक्शन में दिक्कत न आए।
ये चार्ज आम ग्राहकों के लिए परेशानी का सबब बन जाते हैं। कई लोग बिना जानकारी के अकाउंट बंद कर देते हैं और बाद में बैंक से नोटिस या अतिरिक्त फीस का सामना करते हैं। खासकर उन लोगों के लिए जो कई अकाउंट्स रखते हैं और उन्हें मैनेज करना मुश्किल हो जाता है, ये जानकारी बेहद अहम है।
बैंक अकाउंट बंद करना आसान है, लेकिन अगर सावधानी न बरती जाए तो अनचाहे चार्ज आपकी जेब पर बोझ डाल सकते हैं। RBI के नियमों के तहत बैंक कुछ फीस वसूल सकते हैं, इसलिए ग्राहकों को चाहिए कि क्लोजर से पहले पूरी जानकारी लेकर ही कदम उठाएँ।