टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल (Bharti Airtel) ने बड़ा फैसला किया है। इस फैसले के तहत भारती एयरटेल कंपनी ने दूरसंचार विभाग को सूचित किया है कि कंपनी AGR और स्पेक्ट्रम पर मोरटोरियम के बदले इक्विटी नहीं देगी। दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों को इक्विटी के बदले मोरटोरियम लेने का विकल्प दिया था जिस पर कंपनी ने अपना निर्णय ले लिया है।
सीएनबीसी-आवाज़ के असीम मनचंदा ने कहा कि Bharti Airtel ने अपने फैसले की जानकारी दूरसंचार विभाग के देते हुए कहा कि वह स्पेक्ट्रम, AGR पर मोरेटोरियम के बदले इक्विटी नहीं देगी। दूरसंचार विभाग द्वारा कंपनी को 4 साल का मोरेटोरियम लेने का विकल्प दिया गया था। लेकिन कंपनी ने इस विकल्प को नहीं अपनाने का निर्णय लिया है।
असीम ने आगे कहा कि कंपनी द्वारा मोरेटोरियम का विकल्प नहीं लेने से कंपनी को 40,000 करोड़ रुपये का कैश फ्लो मिलेगा। हालांकि कंपनी इस पर सरकार को ब्याज देगी। हाल में कंपनी ने सरकार को स्पेक्ट्रम की एडवांस पेमेंट भी की है। जिसके तहत कंपनी ने सरकार को 15,000 करोड़ रुपये की एडवांस पेमेंट की है।
फिलहाल सरकार ने अभी इक्विटी के बदले मोरटोरियम नियम जारी नहीं किए हैं। लेकिन माना जा रहा है कि इसी महीने मोरेटोरियम की गाइडलाइंस जारी हो सकती हैं। इस पर गाइडलाइन जारी होने के बाद Vodafone-Idea इस पर फैसला लेंगे।
असीम ने कहा कि इक्विटी के बदले मोरेटोरियम पर सरकार ने कोई फॉर्मूला तय नहीं किया है। लेकिन अगले 15 दिनों के अंदर ही सरकार द्वारा फॉर्मूला तय कर लिये जाने की संभावना है। उसके बाद वोडाफोन-आइडिया द्वारा ये निर्णय लिया जायेगा कि उन्हें इक्विटी के बदले मोरेटोरियम के विकल्प के साथ जाना है नहीं।