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अब इन जिलों में अनिवार्य हुई गोल्ड हॉलमार्किंग, क्या आपका शहर है लिस्ट में शामिल

Gold BIS: सरकार ने 2026 के रिवीजन के तहत देश के कई और जिलों में गोल्ड हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है। अब इन जिलों में ज्वैलर्स बिना BIS हॉलमार्क वाली सोने की ज्वैलरी नहीं बेच सकेंगे

Edited By: Sheetalअपडेटेड Mar 05, 2026 पर 3:58 PM
अब इन जिलों में अनिवार्य हुई गोल्ड हॉलमार्किंग, क्या आपका शहर है लिस्ट में शामिल
Gold BIS: सरकार ने 2026 के रिवीजन के तहत देश के कई और जिलों में गोल्ड हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है।

Gold BIS: सरकार ने 2026 के रिवीजन के तहत देश के कई और जिलों में गोल्ड हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है। अब इन जिलों में ज्वैलर्स बिना BIS हॉलमार्क वाली सोने की ज्वैलरी नहीं बेच सकेंगे। सरकार का कहना है कि इस फैसले से ग्राहकों को नकली या कम शुद्धता वाले सोने से बचाने में मदद मिलेगी और ज्वैलरी बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी।

नए नियम के तहत राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के कई जिलों को इस सिस्टम में शामिल किया गया है। उदाहरण के तौर पर राजस्थान के बाड़मेर, बूंदी और करौली, गुजरात के बोटाद और मोरबी, कर्नाटक के गडग और रायचूर, तेलंगाना के मंचेरियल और पेद्दापल्ली तथा ओडिशा के नयागढ़ और सुंदरगढ़ जैसे जिले इसमें शामिल हैं।

क्या है BIS गोल्ड हॉलमार्किंग?

हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता की आधिकारिक पहचान होती है। यह बताती है कि ज्वैलरी में कितना शुद्ध सोना इस्तेमाल किया गया है। भारत में इस सिस्टम को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) नियंत्रित करता है। फिलहाल देश में 14 कैरेट, 18 कैरेट और 22 कैरेट सोने की ज्वैलरी पर हॉलमार्किंग अनिवार्य है।

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