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Budget 2026: मोटर एक्सिडेंट के पीड़ितों को बड़ी राहत, कंपनसेशन के इंटरेस्ट अमाउंट पर कोई टैक्स नहीं लगेगा

बजट में पेश प्रस्ताव में मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988 के तहत आए मुआवजे के इंटरेस्ट अमाउंट पर दुर्घटना के शिकार व्यक्ति या उसके कानूनी वारिस को टैक्स से पूरी तरह एग्जेम्प्शन के लिए संबंधित शिड्यूल में संशोधन का प्रस्ताव है

Abhishek Anejaअपडेटेड Feb 04, 2026 पर 8:47 PM
Budget 2026: मोटर एक्सिडेंट के पीड़ितों को बड़ी राहत, कंपनसेशन के इंटरेस्ट अमाउंट पर कोई टैक्स नहीं लगेगा
यह संसोधन 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा, जिससे दुर्घटना के शिकार लोगों और उनके परिवारों को मुआवजे के मामले में राहत मिलेगी।

मोटर एक्सिडेंट के पीड़ितों और उनके परिवार को न सिर्फ शारीरिक और भावनात्मक आघात से गुजरना पड़ता है बल्कि उन्हें लंबी कानूनी प्रक्रिया और पैसे की दिक्कत का भी सामना करना पड़ता है। मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988 में मौत, स्थायी दिव्यांगता या शारीरिक चोट की स्थिति में मुआवजे का प्रावधान है। लेकिन मुआवजा मिलने में अक्सर देर हो जाती है, क्योंकि मोटर एक्सिडेंट क्लेम्स ट्राइब्यूनल्स (MACTs) का फैसला आने में काफी समय लग जाता है।

कई मामलों में एमएसीटी में क्लेम का फाइनल सेटलमेंट होने में कई सालों का समय लग जाता है। प्रोसिजर में देर, सुनवाई स्थगित होना, मेडिकल सबूतों की जांच और इंश्योरेंस कंपनियों की अपील इसकी वजहे हैं। इस लंबे समय के दौरान पीड़ित और उसके कानूनी उत्तराधिकारी को अक्सर इलाज के खर्च और जीविकोपार्जन के लिए संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में मुआवजा और उस पर इंटरेस्ट का आदेश परिवार के लिए इनकम की जीवन रेखा बन जाती है।

मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988 के तहत ट्राइब्यूनल को निम्नलिखित आदेश पारित करने का अधिकार है:

-मौत, स्थायी दिव्यागंता, या शारीरिक चोट की स्थिति में मुआवजा और

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