मोटर एक्सिडेंट के पीड़ितों और उनके परिवार को न सिर्फ शारीरिक और भावनात्मक आघात से गुजरना पड़ता है बल्कि उन्हें लंबी कानूनी प्रक्रिया और पैसे की दिक्कत का भी सामना करना पड़ता है। मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988 में मौत, स्थायी दिव्यांगता या शारीरिक चोट की स्थिति में मुआवजे का प्रावधान है। लेकिन मुआवजा मिलने में अक्सर देर हो जाती है, क्योंकि मोटर एक्सिडेंट क्लेम्स ट्राइब्यूनल्स (MACTs) का फैसला आने में काफी समय लग जाता है।
