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Budget 2026: घर खरीदना होगा सस्ता? होम लोन पर टैक्स छूट बढ़ने के साथ क्या घटेगा GST

Budget 2026: बजट 2026 से पहले रियल एस्टेट सेक्टर की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। क्या बजट के बाद घर खरीदना सस्ता हो जाएगा? क्या सरकार होम लोन पर मिलने वाली टैक्स छूट को बढ़ाएगी

Edited By: Sheetalअपडेटेड Jan 31, 2026 पर 6:18 PM
Budget 2026: घर खरीदना होगा सस्ता? होम लोन पर टैक्स छूट बढ़ने के साथ क्या घटेगा GST
Budget 2026: बजट 2026 से पहले रियल एस्टेट सेक्टर की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

Budget 2026: बजट 2026 से पहले रियल एस्टेट सेक्टर की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। क्या बजट के बाद घर खरीदना सस्ता हो जाएगा? क्या सरकार होम लोन पर मिलने वाली टैक्स छूट को बढ़ाएगी? बढ़ती महंगाई, जमीन की ऊंची कीमतें और लंबी मंजूरी के प्रोसेस के कारण आज के समय में घर खरीदना आम आदमी के लिए बेहद मुश्किल हो गया है। चाहे शहर हो या कस्बा, एक पक्का घर अब सिर्फ जरूरत नहीं बल्कि संघर्ष बन चुका है। ऐसे में सरकार के सबके लिए घर का टारगेट से लोगों को उम्मीद है कि आने वाला बजट इस चुनौती को कुछ हद तक आसान बना सकता है।

इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का कहना है कि इस बार बजट में ऐसे फैसलों की जरूरत है, जिनका सीधा फायदा घर खरीदारों और डेवलपर्स दोनों को मिले। टैक्स से जुड़ी राहत इस समय सबसे बड़ा मुद्दा है। एक्सपर्ट मानते हैं कि आवासीय परियोजनाओं पर लगने वाला जीएसटी घर की लागत को काफी बढ़ा देता है। फिलहाल कई प्रोजेक्ट्स पर 18 फीसदी तक जीएसटी लगता है। इंडस्ट्री चाहती है कि इसे घटाकर 5 या 12 फीसदी किया जाए, ताकि निर्माण लागत कम हो और इसका फायदा खरीदारों तक पहुंचे।

अफोर्डेबल हाउसिंग की मौजूदा परिभाषा भी अब सवालों के घेरे में है। आज भी 45 लाख रुपये तक के घरों को अफोर्डेबल माना जाता है, जबकि हकीकत यह है कि बड़े शहरों में इस कीमत में ठीक-ठाक घर मिलना मुश्किल हो गया है। जानकारों का कहना है कि महंगाई और जमीन के दामों को देखते हुए इस सीमा को बढ़ाना जरूरी हो गया है। इससे ज्यादा लोग टैक्स छूट और सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे।

होम लोन को लेकर भी बड़ी उम्मीदें हैं। अभी ब्याज पर अधिकतम 2 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है, लेकिन इंडस्ट्री की मांग है कि इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जाए। खासतौर पर पहली बार घर खरीदने वालों के लिए अतिरिक्त राहत या ब्याज सब्सिडी की भी मांग की जा रही है, ताकि युवाओं और मध्यम वर्ग को राहत मिल सके।

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