Budget 2026: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को बजट पेश करेंगी। सीनियर सिटीजन को बजट से काफी उम्मीदें हैं। बुजुर्ग यात्रियों की निगाहें खास तौर पर सरकार पर टिकी हैं। इंडियन रेलवे ने 26 दिसंबर 2025 से ट्रेन किराए में बढ़ोतरी कर दी है। ऐसे में सीनियर सिटीजन को लग रहा है कि उनकी यात्रा अब और महंगी हो जाएगी। कोविड के बाद हालात सामान्य हो चुके हैं, लेकिन एक सुविधा जो अब तक वापस नहीं आई। सीनियर सिटीजन को कोविड से पहले सीनियर सिटीजन को रेलवे टिकट पर छूट मिलती थी, जो कोविड के समय मे हटा दी गई लेकिन उसके बाद उसको फिर कभी दोबारा शुरू नहीं किया है।
रेलवे ने 215 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी वाली यात्राओं पर किराया बढ़ाने का फैसला किया है। जनरल श्रेणी में 1 पैसा प्रति किलोमीटर और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों की नॉन-एसी और एसी केटेगरी में 2 पैसे प्रति किलोमीटर एक्स्ट्रा देने होंगे। रेलवे का अनुमान है कि इस कदम से उसे करीब 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होगी। हालांकि, यात्रियों खासतौर पर बुजुर्गों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
कोविड से पहले तक रेलवे सीनियर सिटीजन पहले कैसी थी सीनियर सिटीजन छूट?को टिकट में अच्छी राहत देता था। 2019 तक, 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के पुरुषों को 40% छूट 58 साल या उससे ज्यादा उम्र की महिलाओं को 50% छूट मिलती थी। यह रियायत मेल, एक्सप्रेस, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी ट्रेनों पर लागू थी। उदाहरण के लिए अगर किसी राजधानी ट्रेन का फर्स्ट एसी टिकट 4,000 रुपये का होता था, तो सीनियर सिटीजन को वही टिकट करीब 2,000–2,300 रुपये में मिल जाता था। लंबी दूरी का सफर तब कहीं ज्यादा किफायती होता था।
कोविड में क्यों बंद हुई यह सुविधा?
साल 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने इस छूट को अस्थायी रूप से रोक दिया। उस वक्त तर्क दिया गया कि यात्रियों की संख्या कम है और रेलवे की आर्थिक स्थिति पर दबाव है। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। ट्रेनों में फिर से भीड़ है, आमदनी भी सुधरी है—फिर भी छूट बहाल नहीं हुई। इसी बात को लेकर बुजुर्ग यात्रियों में नाराजगी है।
सीनियर सिटीजन का कहना है कि रिटायरमेंट के बाद इनकम सीमित हो जाती है। कई लोग पेंशन या सेविंग पर निर्भर रहते हैं। इलाज, धार्मिक यात्राएं या बच्चों से मिलने के लिए उन्हें बार-बार सफर करना पड़ता है। ऐसे में बढ़ता किराया जेब पर भारी पड़ता है। उनका मानना है कि टिकट में छूट बहाल होने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। अब सभी की नजर 1 फरवरी 2026 पर है, जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। सीनियर सिटीजन को उम्मीद है कि इस बार उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पर सरकार फैसला लेगी। अगर रेलवे टिकट में छूट वापस आती है, तो इसका फायदा लाखों बुजुर्ग यात्रियों को मिलेगा।