Budget 2026: देश में बजट रविवार 1 फरवरी को पेश किया जाएगा। अब बजट 2026 जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, अलग-अलग सेक्टर के लोग अपनी डिमांड सरकार के आगे रख रहे हैं। इंश्योरेंस एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म पेंशनबाजार डॉट कॉम का मानना है कि आने वाले बजट में सरकार को पेंशन और रिटायरमेंट से जुड़ी नीतियों पर खास ध्यान देना चाहिए। ताकि भारतीय परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को लंबे समय के लिए मजबूत किया जा सके।
पेंशनबाजार डॉट कॉम के हेड विश्वजीत गोयल के अनुसार भारत का जनसांख्यिकीय स्वरूप तेजी से बदल रहा है। देश में इस समय 60 साल से अधिक उम्र के लोगों की संख्या 14 करोड़ से ज्यादा है, जो कुल आबादी का करीब 10 प्रतिशत है। अनुमान है कि साल 2047 तक यह संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी और तब हर पांच में से एक भारतीय सीनियर सिटीजन होगा। ऐसे में रिटायरमेंट के बाद आय का भरोसेमंद साधन होना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।
उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र और लंबे जीवन पीरियड का सीधा असर रिटायरमेंट के बाद की जरूरतों पर पड़ेगा। खासतौर पर ऐसे समय में, जब ज्वाइंट परिवारों की परंपरा कमजोर हो रही है। बुजुर्गों के लिए पारिवारिक सहारा पहले जैसा नहीं रहा। इस स्थिति में संगठित और मजबूत पेंशन सिस्टम ही भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत बनती जा रही है।
पेंशनबाजार डॉट कॉम का सुझाव है कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को पेंशन नेटवर्क से जोड़ा जाना चाहिए। अगर नए टैक्स रेजीम के तहत NPS में किए गए योगदान पर टैक्स छूट सैलरी क्लास और अपना काम करने वाले प्रोफेशनल करने वाले दोनों वर्गों को मिले, तो इससे लोग अनुशासित तरीके से लंबे समय तक रिटायरमेंट के लिए बचत करने के लिए प्रेरित होंगे।
इसके साथ ही कॉरपोरेट कर्मचारियों के लिए मौजूदा टैक्स इंसेंटिव को और प्रभावी बनाने की भी जरूरत है। अगर कर्मचारी को मिलने वाली टैक्स छूट को नियोक्ता के योगदान से अलग किया जाए, तो कर्मचारी अपनी स्वैच्छिक NPS बचत पर तय सीमा तक टैक्स लाभ ले सकेंगे, चाहे कंपनी योगदान दे या नहीं।
विश्वजीत गोयल का मानना है कि ऐसे सुधार भारत की पेंशन सिस्टम को वैश्विक स्तर के करीब ले जाएंगे और लोगों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगे। Budget 2026 से पेंशन सेक्टर को इसी दिशा में ठोस कदमों की उम्मीद है।