वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2024 में कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों में बड़े बदलाव किए थे। टैक्स एक्सपर्ट्स लंबे समय से कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों की कमियां दूर करने की मांग कर रहे थे। एक बार फिर एक्सपर्ट्स ने इनकम टैक्स के नियमों में कुछ बड़े बदलाव करने की मांग की है। इनमें लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (एलटीसीजी) टैक्स में कमी, हायर एग्जेम्प्शन लिमिट, सभी एसेट्स के लिए एक जैसा होल्डिंग पीरियड और इंडेक्सेशन बेनेफिट्स दोबारा शुरू करने की मांग शामिल है।
जुलाई 2024 बजट में 12.5 फीसदी एलटीसीजी टैक्स का ऐलान
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जुलाई 2024 में पेश बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर एक समान 12.5 फीसदी का टैक्स लगाने का ऐलान किया था। इनमें सभी एसेट क्लास जैसे म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीम, रियल एस्टेट, शेयर, गोल्ड आदि शामिल थे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को एलटीसीजी पर टैक्स 12.5 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी करना चाहिए। सरकार के इस कदम से इनवेस्टर्स का रिटर्न बढ़ जाएगा।
सरकार को एलटीसीजी टैक्स घटाकर 10 फीसदी करने की सलाह
सिरिल अमरचंद मंगलदास के पार्टनर कुणाल सवानी ने कहा, "एलटीसीजी पर टैक्स को घटाकर 10 फीसदी करने से न सिर्फ टैक्सपेयर्स की टैक्स लायबिलिटी घटेगी बल्कि इससे इंडिया में फिर से निवेश बढ़ेगा।" कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को यूनियन बजट में एलटीसीज की टैक्स-फ्री लिमिट बढ़ानी चाहिए या होल्डिंग पीरियड के नियमों को और आसान बनाना चाहिए। उदाहरण के लिए म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीम को एक साल के बाद बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स लागू होता है, जबकि रियल एस्टेट के लिए होल्डिंग पीरियड दो साल है।
एलटीसीजी की टैक्स-फ्री लिमिट बढ़ाने की मांग
वेद जैन एंड एसोसिएट्स के पार्टनर अंकित जैन ने कहा, "एलटीसीजी की टैक्स-फ्री लिमिट 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख या 2.5 लाख रुपये कर देने से रिटेल इनवेस्टर्स को काफी फायदा होगा।" अगर कैपिटल गेंस टैक्स की बात की जाए तो यह इंडिया में ज्यादा नहीं है। जापान में यह 20 फीसदी और यूके में 24 फीसदी तक है। ऐसे में इस बात की कम उम्मीद है कि सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स को 12.5 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी करेगी।
इंडेक्सेशन बेनेफिट्स दोबारा शुरू करने से होगा फायदा
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को यूनियन बजट में लॉन्ग टर्म सेविंग इंस्ट्रूमेंट्स पर फिर से इंडेक्सेशन बेनेफिट्स शुरू करना चाहिए। सरकार ने यूनियन बजट 2024 में इंडेक्सेशन बेनेफिट्स खत्म कर दिया था। इससे रियल एस्टेट और गोल्ड इनवेस्टर्स की मुश्किल बढ़ गई है। मार्केट को उम्मीद है कि सरकार 36 महीनों से ज्यादा समय तक रखे गगए डेट म्यूचुअल फंड्स पर फिर से इंडेक्सेशन बेनेफिट्स शुरू करना चाहिए।