वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के यूनियन बजट से गोल्ड इनवेस्टर्स को काफी उम्मीदें हैं। वे फिजिकल गोल्ड का बेहतर विकल्प चाहते हैं। भारत में घरों में गोल्ड ज्वेलरी रखने की परंपरा रही है। इस गोल्ड का कोई इस्तेमाल नहीं होता। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इस गोल्ड को डिजिटल और रेगुलेटेड प्रोडक्ट्स में बदला जाए तो इससे भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिल सकती है।
कीमतें बढ़ने से लोगों की पहुंच से दूर हुआ गोल्ड
गोल्ड की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। इससे गोल्ड को लेकर इनवेस्टर्स की सोच में बदलाव आया है। ज्यादातर इनवेस्टर्स के लिए फिजिकल गोल्ड खरीदना मुश्किल हो गया है। विघ्नहर्ता गोल्ड के चेयरमैन महेंद्र लुनिया ने कहा, "ज्यादा गोल्ड ज्वेलरी खरीदना रिटेल इनवेस्टर्स के लिए काफी मुश्किल हो गया है। इस वजह से कई परिवार एक ग्राम का गोल्ड कॉइन या बार खरीद रहे हैं या शुद्ध रूप से गोल्ड को स्टोर कर रहे हैं।"
फिजिकल गोल्ड के साथ कई तरह की चुनौतियां
उन्होंने कहा कि फिजिकल गोल्ड के साथ कई तरह की चुनौतियां जुड़ी होती हैं। इनमें स्टोरेज कॉस्ट, प्योरिटी को लेकर चिंता, इंश्योरेंस रिस्क और सीमित लिक्विडिटी शामिल हैं। डिजिटल गोल्ड प्रोडक्ट्स या रेगुलेटेड पेपर गोल्ड प्रोडक्ट्स से इन कई चीजों का समाधान हो जाता है। इनमें निवेश करना आसान है। लिक्विडिटी आसान है और पारदर्शिता ज्यादा है। लुनिया ने कहा, "बजट 2026 में इनवेस्टर्स को फिजिकल गोल्ड की जगह रेगुलेटेड डिजिटल गोल्ड और पेपर गोल्ड में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के उपाय किए जा सकते हैं।"
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की दोबारा शुरुआत से होगा फायदा
परिवारों को फिजिकल गोल्ड का विकल्प देने के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की शुरुआत हुई थी। यह काफी सफल रहा। इसमें इनवेस्टर्स को गोल्ड की कीमतों में होने वाली वृद्धि का फायदा मिलता है। साथ ही निवेश पर इंटरेस्ट मिलता है। मैच्योरिटी तक निवेश बनाए रखने पर कैपिटल गेंस पर टैक्स भी नहीं लगता है। लुनिया ने कहा, "एसजीबी की नई किस्त नहीं आने से इनवेस्टर्स के लिए गोल्ड में निवेश के लिए सरकार के सपोर्ट वाली स्कीम नहीं रह गई है। सरकार अगर एसजीबी की शुरुआत दोबारा करती है तो इससे इनवेस्टर्स को काफी फायदा होगा।"
गोल्ड में निवेश को आसान और सुरक्षित बनाने के होंगे उपाय
इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स को उम्मीद है कि सरकार ऐसी पॉलिसी का ऐलान बजट में कर सकती है, जिससे गोल्ड में निवेश करना आसान, पारदर्शी और सुरक्षित होगा। लुनिया ने कहा, "डिजिटल गोल्ड के लिए स्पष्ट नियम होने चाहिए। फाइनेंशियल गोल्ड प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ना चाहिए। निवेशकों को फिजिकल गोल्ड की जगह अपने पोर्टफोलियो में डिजिटल गोल्ड रखने को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।" भारत में निवेशकों के लिए एक भावनात्मक और फाइनेंशियल एसेट बना रहेगा।