Budget 2026: क्या आज 1 फरवरी को फिर बनेगा सोने का काला इतिहास? सरकार घटाएगी इंपोर्ट ड्यूटी

Budget 2026: क्या आज फिर 1 फरवरी को बजट का काला इतिहास बनेगा। ऐसे समय में जब सोने-चांदी का भाव पीक पर है, तो क्या वित्तमंत्री सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाएगी। सोने-चांदी का भाव साल 2024 के बजट की तरह फिर क्रैश होगा

अपडेटेड Feb 01, 2026 पर 9:18 AM
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Budget 2026: क्या आज निर्मला सीतारमण कुछ ऐसे फैसले करने वाली हैं जिससे गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में भारी कमी आ सकती है।

Budget 2026: क्या आज निर्मला सीतारमण कुछ ऐसे फैसले करने वाली हैं जिससे गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में भारी कमी आ सकती है। इससे पहले 2024 के बजट में वित्त मंत्री ने गोल्ड-सिल्वर पर से इंपोर्ट ड्यूटी हटा दिया था। ग्लोबल मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों के उठापटक को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि आज भी मोदी सरकार गोल्ड और सिल्वर पर से इंपोर्ट ड्यूटी हटाने का फैसला कर सकती है।

बजट से पहले क्या है सोना-चांदी का भाव?

आज 1 फरवरी को निर्मला सीतारमण नौंवी बार बजट पेश कर रही हैं। इससे पहले शुक्रवार 30 जनवरी को चांदी के दाम में जबरदस्त गिरावट आई। एक ही दिन में चांदी 45,000 रुपये सस्ती हो गई। और चांदी का भाव 4 लाख से सीधे 3.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम आ गया। सोने के भाव में भी रिकॉर्ड गिरावट जारी है।


गोल्ड और सिल्वर पर कितनी है इंपोर्ट ड्यूटी?

वित्त मंत्री ने 2024 के बजट में गोल्ड और सिल्वर के इंपोर्ट ड्यूटी में बड़ी कटौती की थी। बजट में इंपोर्ट ड्यूटी 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी करने का ऐलान किया था। ऐसे में लोग फिर एकबार गोल्ड-सिल्वर का प्राइस क्रैश होने का इंतजार कर रहे हैं।

2024 में इंपोर्ट ड्यूटी घटाने के बाद एक झटके में सोने की कीमतों में प्रति 10 ग्राम 2000 रुपए से लेकर 4000 रुपए तक की कमी आई थी। सरकार का मकसद था कि इंपोर्ट ड्यूटी कम करके सोने की तस्करी रोकी जाए।

चांदी पर क्या कर सकते हैं भरोसा?

चांदी ने 2025 में रिकॉर्ड रिटर्न देकर निवेशकों को हैरान तो जरूर किया है, लेकिन इसका इतिहास उतना ही खतरनाक है। पिछले 50 सालों में चांदी ने सिर्फ तीन बार बड़ी उछाल दिखाई है और हर बार इसके बाद निवेशकों को लंबे समय तक नुकसान उठाना पड़ा है।

साल 1980 की है, जब हंट ब्रदर्स ने बाजार पर कब्जा करने की कोशिश की और कीमतें 6 डॉलर से 49 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गईं। लेकिन इसके बाद रेगुलेटरी दखल और मार्जिन कॉल के बाद एक ही दिन में चांदी 50% से ज्यादा टूट गई और इसी के साथ अरबों डॉलर स्वाहा हो गए। यही वजह है कि चांदी की मौजूदा चमक के पीछे छिपे इस इतिहास को समझे बिना निवेश करना बेहद जोखिम भरा माना जाता है। तो क्या चांदी एकबार फिर वही दोहराने वाली है।

सोने और चांदी का ताजा रेट

देश में 10 ग्राम सोने का भाव 1,60,000 रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा है। वहीं, बीते शुक्रवार को चांदी का रेट एक ही दिन में 45000 रुपये कम हो गया। एक किलोग्राम चांदी का भाव 4 लाख रुपये से 3,50,000 रुपये पर पहुंच गया है।

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