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Budget 2026: मैरीड कपल के लिए ज्वाइंट टैक्सेशन शुरू करने की मांग, जानिए इसके फायदे

इनकम टैक्स एक्ट के तहत अभी हर व्यक्ति को टैक्स के लिहाज से अगल इंडिविजुअल माना जाता है। कोई व्यक्ति शादीशुदा है या अविवाहित है, इससे टैक्स के मामले में कोई फर्क नहीं पड़ता है। हर इंडिविजुअल को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना पड़ता है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Dec 26, 2025 पर 6:01 PM
Budget 2026: मैरीड कपल के लिए ज्वाइंट टैक्सेशन शुरू करने की मांग, जानिए इसके फायदे
दुनिया के कई देशों में इस तरह की प्रैक्टिस पहले से है। इनमें जर्मनी, स्पेन और पुर्तगाल शामिल हैं।

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने सरकार को मैरीड कपल के लिए ज्वाइंट टैक्सेशन शुरू करने की सलाह दी है। अगर सरकार आईसीएआई की यह सलाह मान लेती है तो इससे बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स को फायदा होगा। कई देशों में यह प्रैक्टिस लागू है। आइए मैरीज कपल के लिए ज्वाइंट टैक्सेशन के बारे में विस्तार से जानते हैं।

अभी क्या है नियम

इनकम टैक्स एक्ट के तहत अभी हर व्यक्ति को टैक्स के लिहाज से अगल इंडिविजुअल माना जाता है। कोई व्यक्ति शादीशुदा है या अविवाहित है, इससे टैक्स के मामले में कोई फर्क नहीं पड़ता है। हर इंडिविजुअल को इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना पड़ता है। इसका मतलब है कि अगर पति और पत्नी दोनों की इनकम है तो दोनों को अलग-अलग रिटर्न फाइल करना पड़ता है।

ICAI का प्रस्ताव

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