Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 कई मायनों में खास होने जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी। इसके साथ ही वह एक नया रिकॉर्ड बनाएंगी। वैश्विक स्तर पर चल रही आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच आने वाले इस बजट से सरकार के सुधारवादी कदमों और विकास को रफ्तार देने वाले फैसलों की उम्मीद की जा रही है।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण बनाएगी रिकॉर्ड
लगातार नौ बजट पेश करने के साथ ही निर्मला सीतारमण पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के ऐतिहासिक रिकॉर्ड के भी करीब पहुंच जाएंगी। मोरारजी देसाई ने अलग-अलग कार्यकाल में कुल 10 बजट पेश किए थे। उन्होंने 1959 से 1964 के बीच वित्त मंत्री रहते हुए छह बजट और फिर 1967 से 1969 के दौरान चार बजट पेश किए थे। हालांकि, एक ही प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लगातार सबसे ज्यादा बजट पेश करने का रिकॉर्ड अब निर्मला सीतारमण के नाम रहेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार नौ बजट पेश करने का कीर्तिमान बनाया है।
26 नवंबर को पेश हुआ था पहला बजट
अगर देश के बजट इतिहास पर नजर डालें तो कई बड़े नाम सामने आते हैं। स्वतंत्र भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को आरके शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था। इसके बाद मोरारजी देसाई सबसे ज्यादा बजट पेश करने वाले वित्त मंत्री बने। वहीं पी चिदंबरम ने भी नौ बार बजट पेश किया। उन्होंने पहली बार 1996 में संयुक्त मोर्चा सरकार के दौरान बजट रखा था और बाद में यूपीए सरकार में भी कई बजट पेश किए। प्रणब मुखर्जी ने वित्त मंत्री के रूप में आठ बजट पेश किए, जिनमें 1980 के दशक और यूपीए सरकार के दौर के बजट शामिल हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी वित्त मंत्री रहते हुए एक अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने 1991 से 1995 के बीच लगातार पांच बजट पेश किए थे, जो भारत के आर्थिक सुधारों की दिशा में मील का पत्थर साबित हुए। बजट भाषणों की बात करें तो निर्मला सीतारमण के नाम सबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड भी दर्ज है। 1 फरवरी 2020 को उनका भाषण करीब दो घंटे 40 मिनट तक चला था। वहीं सबसे छोटा बजट भाषण 1977 में पेश किया गया अंतरिम बजट था, जो सिर्फ 800 शब्दों का था।
बजट पेश करने के समय और तारीख में भी समय के साथ बदलाव हुए हैं। पहले बजट फरवरी के आखिरी दिन शाम पांच बजे पेश किया जाता था। यह परंपरा ब्रिटिश काल से चली आ रही थी। साल 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इस समय को बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया। इसके बाद 2017 में बजट की तारीख को फरवरी के आखिरी दिन से बदलकर 1 फरवरी कर दिया गया, ताकि नए फाइनेशियल योजनाएं 1 अप्रैल से समय पर लागू हो सकें।