Budget Exclusive: सीनियर सिटीजन को बजट 2026 में राहत मिल सकती है। रेलवे टिकट बुकिंग पर मिलने वाली छूट सरकार एक बार फिर बहाल कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक रेल मंत्रालय ने इस बारे में वित्त मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है। बजट से पहले बैठक में रिवीजन को लेकर चर्चा ही है लेकिन इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। ऐसी उम्मीद है कि बजट में इस पर कुछ हिंट जरूर मिल सकता है। देश में कोविड से पहले सीनियर सिटीजन को टिकट बुकिंग पर 50 फीसदी तक की छूट मिलती थी जो कोविड के समय बंद कर दी गई। तब से ही सीनियर सिटीजन ये उम्मीद कर रहे हैं कि उन्हें टिकट बुकिंग पर मिलने वाली छूट एक बार फिर से मिलनी शुरू हो।
कोविड से पहले मिलती थी छूट
भारतीय रेलवे कोविड से पहले तक सीनियर सिटीजन को ट्रेन टिकट के किराए पर 50 फीसदी तक की छुट देता था। स्कीम के तहत 60 साल या उससे अधिक पुरुष यात्रियों को किराए में 40% की छूट मिलती थी। वहीं, 58 साल या उससे अधिक महिला यात्रियों को 50% तक की छूट मिलती थी। यह छूट स्लीपर, थर्ड AC, सेकेंड AC और फर्स्ट AC जैसी लगभग सभी क्लासों में लागू होती थी। टिकट बुक करते समय सिर्फ उम्र दर्ज करना होता था। ये छूट अपने आप अप्लाई हो जाती थी। इसके लिए अलग से कोई कार्ड, सर्टिफिकेट या एक्स्ट्रा कोई प्रोसेस फॉलो नहीं करना होता था। IRCTC ऑनलाइन टिकट हो या रेलवे काउंटर दोनों जगह यह सुविधा सीनियर सिटीजन को मिलती थी।
मार्च 2020 में कोरोना महामारी के साथ रेलवे सिस्टम पूरी तरह चरमरा गया। ट्रेन सर्विस बंद करनी पड़ी और यात्रियों की संख्या कम हो गई। रेलवे को हजारों करोड़ का नुकसान हुआ। इसी दौरान रेलवे ने सीनियर सिटीजन कंसेशन को अस्थायी तौर पर सस्पेंड कर दिया। उस समय यह तर्क दिया गया कि रेलवे पहले से ही सब्सिडी में चल रही है। सीनियर सिटीजन छूट पर हर साल 1,600-2,000 करोड़ रुपये का खर्च आता था। हालांकि, कोरोना खत्म होने के बाद रेलवे अपनी पूरी कैपेसिटी में काम करने लगी लेकिन सीनियर सिटीजन को मिलने वाली सर्विस फिर शुरू नहीं की गई। ये सर्विस सस्पेंड थी लेकिन इसे अभी तक खत्म नहीं किया गया। हालांकि, बीते साल रेलवे ने 26 दिसंबर को रेलवे किरये में थोड़ी बढ़ोतरी की है।
बुजुर्ग यात्रियों का कहना है कि रिटायरमेंट के बाद उनकी आमदनी सीमित हो जाती है। कई लोग पेंशन या सेविंग पर निर्भर होते हैं। ऐसे में बढ़ते किराए के बीच रेलवे की छूट उनके लिए बड़ी राहत साबित होती थी। यही कारण है कि सीनियर सिटीजन इस सुविधा को काफी समय से बहाल करने की मांग कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें 1 फरवरी 2026 पर टिकी हुई है।