सरकार के पास यूनियन बजट 2026 में हाउसिंग फाइनेंस से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने का बड़ा मौका है। आरबीआई के डेटा के मुताबिक, आउटस्टैंडिंग हाउसिंग लोन 27 लाख करोड़ के पार जा चुका है। रियल्टी और फाइनेंस सेक्टर्स से जुड़े एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार एफोर्डिबिलीटी, ट्रांसपेरेंसी और बायर कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए बड़े रिफॉर्म्स का ऐलान कर सकती है।
रिफॉर्म्स से घर खरीदने में बढ़ेगी दिलचस्पी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे घर खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी। प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतें और आर्थिक दबाव के चलते घर खरीदने में लोगों की दिलचस्पी पर असर पड़ रहा है। बेसिक होम लोन के को-फाउंडर और सीईओ अतुल मोंगा ने कहा कि एफोर्डिबिलिटी में आ रही कमी पर अंकुश लगाने के लिए टैक्स इनसेंटिव बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24(B) के तहत इंटरेस्ट पर डिडक्शन को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर सकती है।
प्रिंसिपल पर डिडक्शन के लिए अलग लिमिट
उन्होंने कहा कि होम लोन के प्रिंसिपल रीपेमेंट के अलग से लिमिट तय की जानी चाहिए। अभी इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत होम लोन के प्रिंसिपल पर डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत है। सेक्शन 80सी की लिमिट 1.5 लाख रुपये तय है। इससे होम लोन के प्रिंसिपल पर डिडक्शन क्लेम करने की गुंजाइश नहीं बचती है। पहले से ही 80सी के तहत करीब एक दर्जन इनवेस्टमेंट ऑप्शंस आते हैं।
होम लोन पर टैक्स बेनेफिट्स में कई सालों से बदलाव नहीं
मोंगा ने कहा, "ये रिफॉर्म्स जरूरी हैं, क्योंकि स्थिर डिमांड के बावजूद एफोर्डिबिलिटी में कमी आ रही है।" पिछले कुछ सालों में कई शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें करीब 30 फीसदी तक चढ़ गई हैं। लेकिन, होम लोन पर टैक्स बेनेफिट्स में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है। इससे होम लोन की ईएमआई चुकाने पर परिवार की इनकम का 40 फीसदी तक हिस्सा खर्च हो जाता है।
डिडक्शन बढ़ाने से घर खरीदारों की होंगी काफी सेविंग्स
सरकार अगर होम लोन पर डिडक्शन बढ़ाती है तो इससे बॉरोअर्स की सालाना 40,000-75,000 रुपये की बचत हो सकती है। मोंगा ने मिड-इनकम ग्रुप के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम फिर से शुरू करने की मांग की। इससे इफेक्टिव रेट्स 1-2 फीसदी कम हो जाता है। साथ ही लोन की पूरी अवदि में 3 से 5 लाख रुपये तक की सेविंग्स हो जाती है। इन उपायों से घर खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी।
होम लोन की जल्द प्रोसेसिंग के लिए उपाय जरूरी
इंडिया में आउटस्टैंडिंग होम लोम 27 लाख करोड़ के पार जा चुका है। इससे होम लोन के ग्राहकों के बढ़ती संख्या का पता चलता है। लेकिन, हाई इंटरेस्ट रेट की वजह से होम बायर्स के लिए अपने लोन को रीफाइनेंस कराने में दिक्कत आ रही है। सरकार नो-कॉस्ट डिजिटल बैंलेंस ट्रांसफर और जल्द प्रोसेसिंग के लिए कदम उठा सकती है। इससे होम लोन लेने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी।