Budget 2026: सीनियर सिटीजन को ट्रेन टिकट पर मिलेगी 50% की छूट! बजट में मिल सकता है फायदा

Budget 2026: भारतीय रेलवे अपना किराया 26 दिसबंर से बढ़ाने जा रही है। ऐसे में सीनियर सिटीजन की उम्मीदें केंद्रीय बजट 2026-27 से बढ़ गई है। कोविड महामारी के बाद भले ही ज़िंदगी लगभग सामान्य हो चुकी हो, लेकिन सीनियर सिटीजन को मिलने वाली एक बड़ी राहत अब तक वापस नहीं आई है

अपडेटेड Dec 23, 2025 पर 4:34 PM
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Budget 2026: सीनियर सिटीजन की उम्मीदें केंद्रीय बजट 2026-27 से बढ़ गई है।

Budget 2026: भारतीय रेलवे अपना किराया 26 दिसबंर से बढ़ाने जा रही है। ऐसे में सीनियर सिटीजन की उम्मीदें केंद्रीय बजट 2026-27 से बढ़ गई है। कोविड महामारी के बाद भले ही ज़िंदगी लगभग सामान्य हो चुकी हो, लेकिन सीनियर सिटीजन को मिलने वाली एक बड़ी राहत अब तक वापस नहीं आई है। देशभर के बुजुर्ग यात्रियों ने एक बार फिर मांग उठाई है कि रेलवे टिकट पर मिलने वाली पुरानी छूट को बहाल किया जाए। उनका कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर यात्रा करना जरूरी भी होता है और महंगा भी होता है क्योंकि इनकम कम हो जाती है। ऐसे में किराए में मिलने वाली रियायत उनके लिए बड़ी सहूलियत थी।

रेलवे ने बढ़ाया किराया

भारतीय रेलवे 26 दिसंबर 2025 से टिकट किराए में हल्की बढ़ोतरी करने जा रहा है, जिससे उसे करीब 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होने का अनुमान है। नया किराया सिर्फ 215 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा पर लागू होगा जनरल केटेगरी में 1 पैसा प्रति किलोमीटर और मेलएक्सप्रेस ट्रेनों की नॉन-एसी और एसी केटेगरी में 2 पैसे प्रति किलोमीटर एक्स्ट्रा देने होंगे।


आधी कीमत में मिलती थी सीनियर सिटीजन को ट्रेन टिकट

कोविड से पहले तक भारतीय रेलवे सीनियर सिटीजन को टिकट में अच्छी-खासी छूट देता था। साल 2019 तक नियम यह था कि 60 साल या उससे ज़्यादा उम्र के पुरुषों को ट्रेन टिकट पर 40 प्रतिशत और 58 साल या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को 50 प्रतिशत तक की रियायत मिलती थी। यह छूट मेल, एक्सप्रेस, राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी प्रमुख ट्रेनों में लागू थी। उदाहरण के तौर पर अगर किसी राजधानी एक्सप्रेस का फर्स्ट एसी टिकट 4,000 रुपये का होता था, तो वही टिकट सीनियर सिटीजन को लगभग 2,000 से 2,300 रुपये में मिल जाता था। इससे लंबी दूरी की यात्रा भी किफायती हो जाती थी।

कोविड में बंद हो गया बेनेफिट

हालांकि, साल 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने रेलवे टिकट पर मिलने वाली इस छूट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। उस समय इसका कारण यात्रियों की संख्या कम होना और रेलवे की आर्थिक स्थिति बताया गया था। लेकिन अब जबकि महामारी का दौर खत्म हो चुका है और ट्रेनों में पहले जैसी भीड़ लौट आई है, तब भी यह सुविधा दोबारा शुरू नहीं की गई है। इसी बात को लेकर सीनियर सिटीजन नाराजगी जता रहे हैं।

बजट से सीनियर सिटीजन की डिमांड

बुजुर्ग यात्रियों का कहना है कि रिटायरमेंट के बाद उनकी आमदनी सीमित हो जाती है। कई लोग पेंशन या सेविंग पर निर्भर होते हैं। ऐसे में बढ़ते किराए के बीच रेलवे की छूट उनके लिए बड़ी राहत साबित होती थी। खासकर इलाज, धार्मिक यात्राओं या बच्चों से मिलने के लिए उन्हें अक्सर सफर करना पड़ता है, जो अब पहले के मुकाबले महंगा हो गया है।

अब सभी की निगाहें बजट 2026 पर टिकी हैं। 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का आम बजट पेश करेंगी। सीनियर सिटीजन को उम्मीद है कि सरकार उनकी इस लंबे समय से चली आ रही मांग को गंभीरता से लेगी और रेलवे टिकट में छूट के सिस्टम को फिर से लागू करेगी। अगर ऐसा होता है, तो इससे लाखों बुजुर्ग यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। अब देखना यह है कि बजट 2026 उनके लिए राहत की सौगात लेकर आता है या नहीं।

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