Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 एक बार फिर इतिहास रचने जा रहा है। 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी और खास बात यह है कि यह दिन रविवार होगा। करीब 26 साल बाद ऐसा मौका आ रहा है, जब केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया जाएगा। इससे पहले साल 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने 28 फरवरी को रविवार के दिन बजट पेश किया था। आमतौर पर संसद की कार्यवाही रविवार को नहीं होती, लेकिन राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए इस बार भी रविवार को बजट सत्र आयोजित किया जाएगा। साथ ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस दिन देश का बजट पेश करेंगी। यह उनका लगातार 9वां केंद्रीय बजट होगा, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। आमतौर पर बजट वर्किंग दिनों या शनिवार को ही पेश होता रहा है लेकिन इस बार 1 फरवरी रविवार को बजट पेश होगा।
26 नवंबर 1947 को पेश किया गया पहला बजट
हालांकि पिछले कई सालों से बजट 1 फरवरी को ही पेश किया जा रहा है, लेकिन पहले ऐसा नहीं था। आजादी के बाद भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को पेश किया गया था। उस समय देश के पहले वित्त मंत्री आरके शनमुखम चेट्टी ने यह बजट संसद में रखा था। इसके बाद समय के साथ बजट की तारीख और समय में कई बदलाव किए गए।
पहले 28 फरवरी को पेश होता था बजट
साल 2016 तक केंद्र सरकार बजट फरवरी के आखिरी वर्किंग डे यानी 28 फरवरी को पेश करती थी। इस परंपरा को 2017 में बदला गया। तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट की तारीख को आगे बढ़ाकर 1 फरवरी कर दिया। इसके पीछे वजह यह थी कि बजट में की गई घोषणाओं को लागू करने के लिए मंत्रालयों और विभागों को समय मिल सके। पहले बजट देर से आने के कारण कई योजनाएं अप्रैल से समय पर लागू नहीं हो पाती थीं।
पहले शाम 5 बजे पेश होता था बजट
बजट की तारीख ही नहीं, बल्कि समय में भी बदलाव हुआ है। लंबे समय तक बजट शाम 5 बजे पेश किया जाता था। यह व्यवस्था ब्रिटिश दौर की थी, ताकि भारत और ब्रिटेन के समय में तालमेल बना रहे। लेकिन 1999 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इस परंपरा को खत्म कर दिया और बजट सुबह 11 बजे पेश करने की शुरुआत की। तब से लेकर अब तक बजट सुबह 11 बजे ही पेश किया जाता है।
अब बात बजट 2026 की करें तो इस बार का बजट कई मायनों में खास माना जा रहा है। रविवार को पेश होने वाला यह बजट देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेगा। इसमें रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, मैन्युफैक्चरिंग, ऑटो सेक्टर, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, एमएसएमई, रिन्यूएबल एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे सेक्टर्स पर खास फोकस रहने की उम्मीद है।