आपको घर खरीदना चाहिए या किराए के घर में रहना चाहिए? जानिए किसमें है फायदा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि घर खरीदने का फैसला व्यक्ति को सोचसमझ कर लेना चाहिए। खासकर अगर व्यक्ति लंबी अवधि में EMI चुकाने की अपनी क्षमता को लेकर आश्वस्त नहीं है तो उसे होम लोन लेने से बचना चाहिए। होम लोन का मतलब है लंबे समय तक हर महीने EMI का पेमेंट

अपडेटेड Feb 24, 2025 पर 9:10 AM
Story continues below Advertisement
घर खरीदना और किराए के घर में रहने का फैसला अलग-अलग स्थितियों पर निर्भर करता है। इसमें व्यक्ति की उम्र, लॉन्ग टर्म प्लान और लोन लेने की क्षमता का बड़ा हाथ है।

एक आईटी फर्म में काम करने वाले अंकित पटेल ने 2014 में बेंगलुरु से मुंबई शिफ्ट करने पर किराए का घर लेने का फैसला किया। लेकिन, कुछ ही महीने बाद उन्हें हर महीने 35,000 रुपये किराया देना खटकने लगा। उन्होंने घर खरीदकर मुंबई में बस जाने का फैसला किया। उनका मानना था कि अपना घर खरीदने के फैसले से दो तरह से फायदा हो सकता है। पहला, उन्हें किराए के घर में रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। दूसरा, कुछ सालों में घर की कीमत काफी बढ़ जाएगी। उन्होंने घर खरीदने के लिए 60 लाख का लोन ले लिया, जिसकी ईएमआई करीब 60,000 रुपये थी।

उम्र, लॉन्ग टर्म प्लान के आधार पर लें फैसला

पटेल के दोस्त गौरव सावंत की सोच इस मामले में अलग है। वह करीब एक दशक से किराए के घर में रह रहे हैं। उनका मानना है कि हर महीने एक फिक्स्ड अमाउंट EMI चुकाने पर खर्च करने की जगह हर महीने 18,000 रुपये का किराया चुकाना आसान है। सवाल है कि पटेल और सावंत में से किसकी सोच सही है? इस बारे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस सवाल का कोई एक जवाब नहीं हो सकता। घर खरीदना और किराए के घर में रहने का फैसला अलग-अलग स्थितियों पर निर्भर करता है। इसमें व्यक्ति की उम्र, लॉन्ग टर्म प्लान और लोन लेने की क्षमता का बड़ा हाथ है।


होम लोन की EMI कई साल तक चलती है

घर खरीदने में आपको लंबी अवधि तक उसकी EMI चुकाने के लिए तैयार रहना पड़ता है। मान लीजिए आज एक घर की कीमत करीब 1 करोड़ रुपये है। उसका किराया 22,000 रुपये प्रति माह है। अगर दो महीनों का सिक्योरिटी जोड़ दिया जाए तो यह 44,000 रुपये बैठता है। अगर आप इस घर को खरीदना चाहते हैं तो आपको कम से कम 25 फीसदी पैसा डाउन पेमेंट करना पड़ेगा। यह 25 लाख रुपये होगा। आपको 75 लाख रुपये का लोन लेना होगा। आपको बैंक 20 साल का लोन 8.5-10 फीसदी इंटरेस्ट पर दे सकता है। इसका मतलब है कि आपको हर महीने 65,000-70,000 रुपये EMI चुकानी होगी। इस तरह आप 20 साल में कुल 1.60 करोड़ रुपये बैंक को चुकाएंगे।

किराए पर रहें या घर खरीदें कॉस्ट एक जैसी

अगर आप इस घर को किराए पर लेते हैं तो आपको 20 साल में कुल 1.61 करोड़ रुपये का रेंट चुकाना होगा। इसमें रेंट में हर साल 8-10 फीसदी इजाफा का ध्यान रखा गया है। शुरुआत में घर का रेंट काफी कम होता है। लेकिन, धीर-धीरे यह बढ़ता जाता है। इस तरह लंबी अवधि में घर खरीदने या किराए पर लेने पर आने वाली कॉस्ट एक जैसी होती है।

यह भी पढ़ें: Income Tax अपील पर फैसला आपके पक्ष में तो रिफंड का पैसा आने में अब नहीं होगी देर

घर खरीदने के बाद वह आपकी लायबिलिटी बन जाएगी

हां, यह सही है कि डाउन पेमेंट के लिए आपको बड़ा फंड जुटाना पड़ता है। लेकिन, इससे लंबी अवधि में प्रॉपर्टी आपकी हो जाती है। यह घर खरीदने का सबसे बड़ा फायदा है। लेकिन, किराए पर घर लेने से आपके लिए फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहती है। अगर आपको उस घर में रहने की जरूरत नहीं है तो आप उस घर को छोड़ सकते हैं। लेकिन, अगर आपने घर किराए पर ले लिया तो आप उसमें रहें या नहीं रहे, उसकी EMI आपको चुकानी पड़ेगी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।