ITR-1 और ITR-4 जारी, लेकिन रिटर्न फाइल करने में न करें जल्दबाजी, फॉर्म में हुआ है बड़ा बदलाव

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने लंबे समय के इंतजार के बाद वित्त वर्ष 2025 की कमाई के लिए ITR का फॉर्म 1 और फॉर्म 4 जारी कर दिया है। उम्मीद है कि बाकी फॉर्म भी जल्द ही नोटिफाई हो जाएंगे। हालांकि जो फॉर्म जारी हुए हैं, उसमें खास बात ये है कि कुछ ऐसे बदलाव हुए हैं, कि अब कुछ टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने के लिए ITR-1 फॉर्म का रास्ता खुल गया है

अपडेटेड Apr 30, 2025 पर 10:33 AM
लंबे समय के इंतजार के बाद आखिरकार सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने आईटीआर के फॉर्म 1 और फॉर्म 4 जारी कर दिए हैं। ये नोटिफाईड आईटीआर वित्त वर्ष 2024-25 यानी एसेसमेंट वर्ष 2025-26 के लिए हैं।

लंबे समय के इंतजार के बाद आखिरकार सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने आईटीआर के फॉर्म 1 और फॉर्म 4 जारी कर दिए हैं। ये नोटिफाईड आईटीआर वित्त वर्ष 2024-25 यानी एसेसमेंट वर्ष 2025-26 के लिए हैं। ITR-1 और ITR-4 के नोटिफाई होने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि बाकी फॉर्म भी जल्द ही नोटिफाई हो जाएंगे। नए आईटीआर फॉर्म में बड़े बदलाव हुए हैं। पहले आईटीआर-1 में कैपिटल गेन टैक्स को दिखाने का प्रावधान नहीं था। अब नए बदलाव के बाद लिस्टेड इक्विटी शेयरों और इक्विटी वाले म्यूचुअल फंड्स की बिक्री से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स हुआ है तो टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए आईटीआर-1 का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे पहले कैपिटल गेन की स्थिति में टैक्सपेयर्स को आईटीआर-2 फॉर्म फाइल करना होता था। आईटीआर-1 फॉर्म में इक्विटी से लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स को शामिल करने के अलावा कोई अहम बदलाव नहीं हुआ है।

FY25 (AY26) के लिए कौन कर सकेगा ITR-1 का इस्तेमाल?

नोटिफिकेशन के मुताबिक इन स्थिति में आईटीआर-1 फॉर्म का इस्तेमाल कर सकेंगे-

a) 50 लाख रुपये तक की आय वाले रेजिडेंट इंडिविजुअल्स


b) सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी, ब्याज जैसे अन्य स्रोत से आय

c) लिस्टेड इक्विटी और म्यूचुअल फंड्स की बिक्री से हुए 1.25 लाख रुपये तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स

d) 5 हजार रुपये तक की कृषि आय

इन स्थिति में नहीं इस्तेमाल कर पाएंगे आईटीआर-1

हाउस प्रॉपर्टी की बिक्री या लिस्टेड इक्विटी और इक्विटी म्यूचुअल फंड्स की बिक्री से हुए शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन्स की स्थिति में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को दिखाने का प्रावधान होने के बावजूद कुछ स्थितियों में रिटर्न के लिए आईटीआर-1 फॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा अगर किसी कंपनी मे डायरेक्टर हैं या किसी अनलिस्टेड कंपनी के इक्विटी शेयरों में निवेश किया है या सेक्शन 194एन के तहत टीडीएस काटा गया है या ESOP पर टैक्स स्थगित है या देश के बाहर कोई संपत्ति है तो आईटीआर-1 फॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।

FY25 (AY26) के लिए कौन कर सकेगा ITR-4 का इस्तेमाल?

आईटीआर-4 का इस्तेमाल ऐसे लोग कर सकेंगे जिनकी बिजनेस और प्रोफेशन से आय हो जिसकी गणना सेक्शन 44एडी, 44एडीए या 44एई के तहत हो, 50 लाख रुपये तक की आय वाले रेजिडेंट इंडिविजुअल्स, एचयूएफ और फर्म (एलएलपी के अतिरिक्त), सेक्शन 112ए के तबबत 1.25 लाख रुपये तक की लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स हो।

कौन नहीं कर सकेगा ITR-4 फॉर्म का इस्तेमाल

कंपनी में निदेशक या किसी अनलिस्टेड कंपनी के इक्विटी शेयरों में निवेश किया है या ESOP पर टैक्स स्थगित है या 5 हजार रुपये से अधिक कृषि आय है या देश के बाहर कोई संपत्ति है तो आईटीआर-4 फॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।

EPS Pension Hike: प्राइवेट नौकरी वालों को मिलेगा बड़ा तोहफा, न्यूनतम पेंशन ₹3,000 करने की तैयारी में सरकार

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।