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Sovereign Gold Bond: केंद्र सरकार ने बंद की SGB स्कीम, उधारी पर अधिक लागत के चलते लिया फैसला

Sovereign Gold Bond: SGB स्कीम भारत सरकार द्वारा 2015 में शुरू की गई एक वित्तीय योजना है, जिसका उद्देश्य फिजिकल गोल्ड की खरीद को कम करना और डिजिटल रूप में सोने में निवेश को बढ़ावा देना था। इसके जरिए रिटेल निवेशक पेपर गोल्ड में निवेश कर सकते थे

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 02, 2025 पर 9:55 PM
Sovereign Gold Bond: केंद्र सरकार ने बंद की SGB स्कीम, उधारी पर अधिक लागत के चलते लिया फैसला
Sovereign Gold Bond scheme: केंद्र सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) स्कीम को बंद करने का फैसला किया है।

Sovereign Gold Bond scheme: केंद्र सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) स्कीम को बंद करने का फैसला किया है। इसे बंद करने का निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि इस स्कीम के तहत सरकार को उधारी पर ज्यादा ब्याज देना पड़ रहा था, जिससे उसकी कॉस्ट ऑफ बॉरोइंग (उधारी लागत) बढ़ रही थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट के बाद मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने SGB स्कीम के भविष्य के बारे में पूछे गए सवाल पर इस स्कीम को बंद करने की बात स्वीकार की।

SGB स्कीम बंद करने पर सरकार ने क्या कहा?

आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ ने बजट ब्रीफिंग के दौरान बताया कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) योजना को बंद करने का फैसला सरकार की उधारी लागत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा, "ये फैसले बाजार से उधारी जुटाने और बजट फाइनेंसिंग के उद्देश्य से लिए जाते हैं। किसी समय यह भी देखना जरूरी होता है कि इस एसेट क्लास को सपोर्ट देना है या नहीं। हाल के अनुभव बताते हैं कि यह सरकार के लिए एक महंगा उधारी विकल्प साबित हुआ है। इसलिए सरकार ने इसे जारी नहीं रखने का फैसला किया है।"

वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के लिए ₹18,500 करोड़ का आवंटन किया गया था, जो अंतरिम बजट के ₹26,852 करोड़ से कम था। हालांकि, वर्तमान वित्त वर्ष में SGB की कोई नई किश्त जारी नहीं की गई है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने आखिरी बार फरवरी 2023 में SGB जारी किया था, जिसकी कुल राशि ₹8,008 करोड़ थी। इस योजना की शुरुआत से अब तक, वित्त वर्ष 2022-23 (FY23) तक SGB के तहत कुल ₹45,243 करोड़ जारी किए जा चुके थे, जबकि मार्च 2023 तक कुल बकाया राशि ₹4.5 लाख करोड़ थी।

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