CGHS: केंद्र सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) के तहत नए नियम जारी किए हैं। अब सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को CPAP, BiPAP और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जैसी जरूरी मेडिकल डिवाइस की मंजूरी पहले से कहीं जल्दी मिलेगी। इससे मरीजों को महंगे डिवाइस किराए पर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अभी तक ये डिवाइस मिलने में काफी समय लगता है, जिसके कारण मरीज इसे किराये पर लेते थे। ये किराया CGHS के तहत रिफंड नहीं किया जाता। ऐसे में सीजीएचएस कार्डहोल्डर को इससे फायदा होगा।
ऑनलाइन कर पाएंगे महंगे डिवाइस के लिए अप्लाई
पहले पेंशनर्स को ऑफलाइन आवेदन करना पड़ता था, जिससे मंजूरी मिलने में 15 से 45 दिन या उससे ज्यादा समय लग जाता था। अब पूरा प्रोसेस ऑनलाइन कर दिया गया है। इससे अब काम जल्दी और ट्रांसपेरेंट हाग।
नई गाइडलाइंस के अनुसार अब CGHS लाभार्थी अपनी एप्लिकेशन को स्कैन कर सकते हैं और इसे ईमेल के जरिए भेज सकते हैं। एप्लिकेशन के साथ जरूरी डॉक्यूमेंट और शपथ पत्र जमा करना जरूरी होगा, जिससे मंजूरी का प्रोसेस तेज और आसान होगा। अगर किसी CGHS हेल्थ केंद्र में हाई-स्पीड स्कैनर नहीं है, तो डॉक्यूमेंट को भेजा जा सकते हैं। सरकार ने सभी CGHS वेलनेस सेंटर्स में हाई-स्पीड स्कैनर लगाने का निर्देश दिया है, जिससे अधिक से अधिक परमिशन मिल सके और प्रोसेस में देरी न हो।
ई-फाइलिंग से ट्रैक करना होगा आसान
अब CGHS के एडिशनल डायरेक्टर में एक अलग एक्सेल शीट में सभी अप्रूवल का रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसमें ई-फाइल नंबर, लाभार्थी का नाम, आईडी, डिवाइस का नाम और मंजूरी की स्थिति जैसी जानकारी होगी। इससे लाभार्थी अपनी फाइल की स्थिति ऑनलाइन आसानी से जान सकेंगे।
मंजूरी या रिजेक्ट होने की जानकारी ईमेल पर मिलेगी
जब रेस्पिरेटरी मेडिसिन एक्सपर्ट की समिति एप्लिकेशन की समीक्षा कर लेगी, तो लाभार्थी को ईमेल के जरिए मंजूरी या रिजेक्ट होने की जानकारी भेजी जाएगी। अगर मंजूरी मिल जाती है, तो एक आधिकारिक पत्र जारी किया जाएगा। इससे लाभार्थी आवश्यक मेडिकल डिवाइस खरीद सकेंगे।
CGHS लाभार्थियों को होगी राहत
इस नई डिजिटल प्रोसेस से CGHS लाभार्थियों को अब मंजूरी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उनकी एप्लिकेशन रिजेक्ट हुई या अप्रूल हुई, इसकी जानकारी जल्द मिल जाएगी।