CGHS ने जारी किये नए मेडिकल पैकेज रेट्स, प्राइवेट अस्पताल नहीं कर सकेंगे मना, 13 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियम

CGHS: एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) में 15 साल बाद सबसे बड़े बदलावों का ऐलान कर दिया है। अब लगभग 2,000 मेडिकल पैकेज के नए रेट्स जारी कर दिये हैं।

अपडेटेड Oct 06, 2025 पर 4:53 PM
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CGHS: एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर है।

CGHS: एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) में 15 साल बाद सबसे बड़े बदलावों का ऐलान कर दिया है। अब लगभग 2,000 मेडिकल पैकेज के नए रेट्स जारी कर दिये हैं। नए रेट्स 13 अक्टूबर 2025 से लागू होंगे। इससे CGHS कार्डहोल्डर्स के लिए प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस इलाज पहले से आसान हो जाएगा।

क्यों जरूरी थे ये बदलाव

काफी समय से CGHS के तहत कई अस्पताल कैशलेस इलाज देने से कतराते रहे। इसका कारण पुराने पैकेज रेट और पेमेंट में होने वाली देरी बताया गया। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को अपनी जेब से खर्च उठाना पड़ता और रिफंड के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था। अगस्त 2025 में सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज यूनियन (GENC) ने इस मुद्दे पर सरकार से सुधार की मांग की। कई मामलों में इमरजेंसी इलाज भी न मिलने जैसी समस्याएं सामने आई थीं।


ये हैं नए CGHS नियम

लगभग 2,000 मेडिकल प्रोसेस के रेट्स अब शहर की श्रेणी और अस्पताल की मान्यता के आधार पर तय होंगे।

Tier-II शहरों में रेट बेस रेट से 19 प्रतिशत कम होंगे।

Tier-III शहरों में रेट 20 प्रतिशत कम रहेंगे।

NABH-मान्यता प्राप्त अस्पतालों में बेस रेट लागू होगा।

गैर-NABH अस्पतालों में रेट बेस रेट से 15 प्रतिशत कम होंगे।

सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल (200+ बिस्तर) में रेट बेस रेट से 15 प्रतिशत अधिक होंगे।

कर्मचारियों और अस्पतालों के लिए फायदे

कैशलेस इलाज आसान होगा। नए रेट्स के कारण अस्पताल कैशलेस इलाज देना आसान समझेंगे। जेब पर बोझ कम होगा। कर्मचारियों को बड़े खर्च सीधे नहीं उठाने पड़ेंगे। फास्ट रिफंड भी मिलेगा और कर्मचारियों को रिफंड के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। CGHS कार्डधारकों में भरोसा बढ़ेगा।

किये गए ये बदलाव

16 सितंबर 2025 को स्वास्थ्य मंत्रालय ने CS(MA) Rules, 1944 के तहत नियम अपडेट किए। अब ट्रांसजेंडर बच्चे और भाई-बहन भी CGHS के लाभ पा सकते हैं। यदि वे फाइनेंशियल स्तर पर आश्रित हों और Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019 के तहत प्रमाणित हों।

पिछले एक साल के बदलाव

CGHS ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप मजबूत किए गए। कैशलेस इलाज अब ज्यादा अस्पतालों में उपलब्ध होगा। नए प्राइवेट अस्पतालों को CGHS में जोड़ा गया। ऑनलाइन रेफरल सिस्टम से मंजूरी जल्दी और आसान होगी। दवाइयों की रियल टाइम ट्रैकिंग शुरू हुई। सीनियर सिटीजन के लिए विशेष हेल्पडेस्क बनाए गए।

कौन पात्र है

सभी केंद्रीय कर्मचारी रेलवे और दिल्ली प्रशासन के कर्मचारी छोड़कर और उनके परिवार।

केंद्रीय पेंशनर्स (रेलवे और सशस्त्र बलों को छोड़कर)।

पात्रता CGHS कवर किए गए शहरों में रहने पर निर्भर करती है। फिलहाल योजना 80 शहरों में उपलब्ध है।

CGHS कार्ड कैसे लें

कर्मचारी तय फॉर्म और परिवार की फोटो अपने विभाग में जमा करें। पेंशनर्स शहर के अतिरिक्त निदेशक कार्यालय में आवेदन करें या CGHS की वेबसाइट cghs.gov.in से फॉर्म डाउनलोड करें। PPO तैयार न होने पर, Last Pay Certificate के आधार पर प्रोविजनल CGHS कार्ड जारी किया जा सकता है।

नए रेट और कोड कैसे देखें

CGHS की वेबसाइट पर जाकर Circulars या Notifications सेक्शन खोलें। यहाँ आप PDF डाउनलोड कर सकते हैं जिसमें सभी प्रक्रिया कोड और नए पैकेज रेट्स दिए गए हैं। NABH और Non-NABH अस्पतालों के रेट अलग हैं। उदाहरण के लिए, 2024 में Laparoscopic Cholecystectomy का रेट NABH अस्पताल में 33,000 रुपये और Non-NABH अस्पताल में 8,050 रुपये था।

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