अगर आपका CIBIL स्कोर 750 से कम है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। सही वित्तीय आदतें अपनाकर कुछ महीनों में इसे बेहतर किया जा सकता है। बैंक लोन या क्रेडिट कार्ड देते समय CIBIL स्कोर को जरूर देखते हैं, इसलिए अच्छा स्कोर होना फायदेमंद रहता है।
अगर आपका CIBIL स्कोर 750 से कम है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। सही वित्तीय आदतें अपनाकर कुछ महीनों में इसे बेहतर किया जा सकता है। बैंक लोन या क्रेडिट कार्ड देते समय CIBIL स्कोर को जरूर देखते हैं, इसलिए अच्छा स्कोर होना फायदेमंद रहता है।
आमतौर पर CIBIL स्कोर 300 से 900 के बीच होता है और ज्यादा स्कोर बेहतर क्रेडिट योग्यता का संकेत माना जाता है। कई बैंक और वित्तीय संस्थान 750 या उससे ज्यादा CIBIL स्कोर को अच्छा मानते हैं।
अगर CIBIL स्कोर 750 के नीचे आता है, तब भी लोन मिल सकता है। लेकिन, शर्तें और ब्याज दर थोड़ी सख्त हो सकती है। बैंक से अच्छे सौदेबाजी के लिए 750 से ऊपर रहना चाहिए। और आप इसे आसानी से ऊपर ले भी जा सकते हैं।
समय पर भुगतान सबसे अहम
क्रेडिट स्कोर पर सबसे ज्यादा असर भुगतान के रिकॉर्ड का पड़ता है। अगर कोई व्यक्ति लोन की EMI या क्रेडिट कार्ड बिल समय पर नहीं चुकाता, तो इससे स्कोर गिर सकता है। वहीं अगर कई महीनों तक लगातार समय पर भुगतान किया जाए, तो स्कोर धीरे-धीरे बेहतर होने लगता है।
इसलिए EMI और क्रेडिट कार्ड बिल हमेशा तय तारीख से पहले चुका दें। नियमित और समय पर भुगतान क्रेडिट प्रोफाइल को मजबूत बनाने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
क्रेडिट यूटिलाइजेशन भी महत्वपूर्ण
क्रेडिट स्कोर तय करने में क्रेडिट यूटिलाइजेशन भी अहम भूमिका निभाता है। इसका मतलब है कि उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का कितना हिस्सा इस्तेमाल किया जा रहा है।
वित्तीय सलाहकार आम तौर पर कहते हैं कि क्रेडिट लिमिट का बहुत ज्यादा हिस्सा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति लगातार अपनी लिमिट का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल करता है, तो यह वित्तीय दबाव का संकेत माना जा सकता है। इससे क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है।
बार-बार लोन आवेदन से बचें
कम समय में कई लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करना भी क्रेडिट स्कोर पर असर डाल सकता है। हर आवेदन के साथ क्रेडिट रिपोर्ट में एक नई क्रेडिट इंक्वायरी दर्ज होती है।
अगर ऐसी इंक्वायरी कम समय में ज्यादा हो जाएं, तो स्कोर पर अस्थायी दबाव पड़ सकता है। इसलिए बिना जरूरत के कई जगह लोन या कार्ड के लिए आवेदन करने से बचना बेहतर माना जाता है।
क्रेडिट रिपोर्ट की नियमित जांच
अपने क्रेडिट हेल्थ को समझने के लिए समय-समय पर क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करना भी जरूरी है। इससे यह पता चल सकता है कि रिपोर्ट में कोई गलत जानकारी तो नहीं है या किसी ने बिना अनुमति के आपके नाम पर कोई क्रेडिट आवेदन तो नहीं किया है।
अगर ऐसी कोई गलती मिलती है, तो उसे क्रेडिट ब्यूरो के जरिए ठीक कराया जा सकता है। इससे भविष्य में आने वाली समस्याओं से बचने में मदद मिलती है।
एक्सपर्ट की राय
HDB Financial Services के चीफ क्रेडिट ऑफिसर रोहित पाटवर्धन के मुताबिक, '750 से कम CIBIL स्कोर होना असामान्य नहीं है और इसे वित्तीय अनुशासन के जरिए सुधारा जा सकता है। मौजूदा लोन की समय पर अदायगी, कम क्रेडिट यूटिलाइजेशन और कम समय में कई लोन आवेदन से बचना स्कोर सुधारने में मदद करता है। सिर्फ छह महीने तक जिम्मेदारी से क्रेडिट व्यवहार अपनाने से भी क्रेडिट योग्यता में बड़ा सुधार हो सकता है।'
फाइनेंशियल एक्सपर्ट के मुताबिक, CIBIL स्कोर में सुधार आमतौर पर धीरे-धीरे होता है। लगातार समय पर भुगतान, संतुलित क्रेडिट उपयोग और सोच-समझकर क्रेडिट आवेदन करने से व्यक्ति का क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत हो सकता है और भविष्य में वित्तीय प्रोडक्ट हासिल करना आसान हो जाता है।
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