केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को संसद को बताया कि केंद्र सरकार के पास अपने कर्मचारियों के लिए 8वां केंद्रीय वेतन आयोग गठित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। क्या सरकार केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का समय पर गठन करने का प्रस्ताव रखती है? इस सवाल का जवाब लोकसभा में देते हुए वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि 1 जनवरी 2026 को लागू किये जाने को लेकर 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लाने के दावे से इनकार किया है।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। चौधरी इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या यह सच है कि सरकार केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्ते और पेंशन को रिवाइज करने के लिए 8 वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) का गठन नहीं करने पर विचार कर रही है।
चौधरीने कहा कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के अनुसार केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिए जाने वाले वेतन, भत्ते और पेंशन की समीक्षा के लिए एक और वेतन आयोग का गठन करने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। हालांकि, सरकार की तरफ से रेगुलर वेतन की समीक्षा होती है।
पे-मेट्रिक्स में होंगे बदलाव
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि इसके पे मैट्रिक्स की समीक्षा और संशोधन एक्रोयड फॉर्मूले के आधार पर किया जा सकता है, जो आम आदमी की जरूरतों की चीजों की कीमतों को ध्यान में रखकर बदलाव कर सकता है। इसकी समीक्षा समय-समय पर लेबर ब्यूरो शिमला करता है। यह सुझाव जरूर दिया गया है कि इस मेट्रिक्स में समय-समय पर बदलाव किये जाएं और इसके लिए अगले वेतन आयोग की जरूरत न पड़े।
1946 में आया था पहला वेतन आयोग
भारत का पहला वेतन आयोग जनवरी 1946 में स्थापित किया गया था। वेतन आयोग का संवैधानिक फ्रेमवर्क व्यय विभाग (वित्त मंत्रालय) के अंतर्गत आता है।