CM Khet Suraksha Yojana: आवारा पशुओं के लिए योगी सरकार ने बनाया मास्टर प्लान, अब फसल नहीं होगी चौपट

CM Khet Suraksha Yojana: उत्तर प्रदेश के किसान पिछले कई सालों से आवारा पशुओं से बेहद परेशान हैं। नील गाय, सुअर और अन्य आवारा पशु फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। योगी सरकार ने सीएम खेत सुरक्षा योजना की शुरुआत की है। इस योजना का बजट बढ़ाकर 350 करोड़ रुपये कर दिया गया है

अपडेटेड Jul 24, 2023 पर 3:40 PM
Story continues below Advertisement
CM Khet Suraksha Yojana: फसल को पशुओं से बचाने के लिए सोलर फेंसिंग की योजना है। इसके तहत खेत में बाड़ लगाई जाएगी। जिसमें 12 बोल्ट का करेंट होगा

CM Khet Suraksha Yojana: उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड के किसान पिछले कई सालों से आवारा पशुओं से बेहद परेशान हैं। बुंदेलखंड जैसे अन्य इलाकों में मोटे अनाजों की खेती लगभग बंद होने के कगार पर पहुंच गई है। इसकी मूल वजह आवारा पशु हैं। लहलहाती फसल को नील गाय, सुअर, और अन्य पशु कब भारी भरकम नुकसान पहुंचा दें। इसका कोई भरोसा नहीं है। बहुत से किसान हैं, जिन्हें रात दिन खेत की ही रखवाली करनी पड़ रही है। इस बीच योगी सरकार ने किसानों को इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए सीएम खेत सुरक्षा योजना (CM Khet Suraksha Yojana) की शुरुआत की है।

पहले यह योजना सिर्फ बुंदेलखंड में थी। अब यह योजना पूरे राज्य में लागू होगी। इस योजना का पहले बजट 75 करोड़ रुपये था। अब इसका बजट बढ़ाकर 350 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

जानिए क्या है सीएम खेत सुरक्षा योजना


मुख्यमंत्री खेत सुरक्षा योजना के तहत किसानों को फसलों को बचाने के लिए सोलर फेसिंग की योजना बनाई गई है। इसके तहत खेत के बाड़ में तार लगाई जाएगी। इसमें 12 बोल्ट का करेंट प्रवाहित होगा। इससे पशुओं को सिर्फ झटका लगेगा। इससे उन्हें कोई नुकसान नहीं होगा। खास बात ये है कि हल्के करेंट के साथ सायरन की भी आवाज आएगी। इससे छुट्टा या जंगली जानवर नील गाय, सुअर और अन्य आवारा पशु फसल को नुकसान नहीं पहुंचा सकेंगे।

इसके लिए सरकार लघु-सीमांत किसानों को प्रति हेक्टेयर लागत 60 फीसदी या 1.43 लाख रुपये का अनुदान भी देगी। कृषि विभाग ने इस योजना का ड्रॉफ्ट तैयार कर चुका है। जल्द ही इसे कैबिनेट में भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद सूबे में लागू कर दिया जाएगा।

PM Kisan Yojana: बेनिफिशियरी लिस्ट में नाम होने के बाद भी फंस सकते हैं 2000 रुपये, हो जाएं अलर्ट, फौरन करें ये काम

आवारा पशु बन चुका है चुनावी मुद्दा

दरअसल, साल 2024 के शुरुआत में लोकसभा के चुनाव हो सकते हैं। राज्य में विधान चुनाव में भी आवारा पशुओं का मुद्दा विपक्ष ने उठाया था। ऐसे में लोकसभा चुनाव को देखते हुए विपक्ष की ओर से यह मुद्दा न बने। लिहाजा राज्य सरकार ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। सरकार की इस योजना से किसानों को भी कापी फायदा होगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।