Drinking Water: आजकल लोग सफर के दौरान बोतलबंद पानी खरीद कर पीते हैं। पिछले 20-30 साल से भारत में बोतलबंद पानी की मांग में इजाफा देखने को मिला है। किसी भी तरह का फंक्शन हो बोतल बंद पानी के बिना पूरा नहीं होता है। लोगों को लगता है कि यह पानी शुद्ध होता है। लेकिन क्या ऐसा सच में है। बाजार में आपको 1 लीटर पानी की बोतल के लिए 20 रुपये चुकाना पड़ता है। अब सवाल यह उठता है कि वाकई 1 लीटर पानी की बोतल के दाम 20 रुपये होते हैं। क्या बंद बोतल का पानी उतना ही शुद्ध होता है, जितना हम सोचते हैं।
पानी और बोतलबंद पानी में पहला और सबसे बड़ा फर्क सिर्फ बोतल का है। यानी पानी की बोतल को आप सुरक्षित मानते हैं। यही इसकी सबसे बड़ी वजह है। जिसकी आप कीमत चुका रहे हैं। कुल मिलाकर जो पानी फ्री में मिलना चाहिए। उसकी हम बड़ी कीमत चुका रहे हैं।
बोतल बंद पानी का असली खेल
कहा जा रहा है कि थोक में प्लास्टिक की बोतल की कीमत करीब 80 पैसे होती है। एक लीटर पानी की कीमत 1.2 रुपये, पानी को कई प्रक्रियाओं से गुजारने की लागत 3.40 रुपये/बोतल आती है। इसके अलावा एक्सट्रा खर्च के रूप में 1 रुपये आते हैं। इस तरह से बोतलबंद पानी की एक बोतल की कुल लागत 6.40 रुपये होती है। इसका मतलब है कि हम 7 रुपये के लिए 20 रुपये या इससे ज्यादा भी चुका रहे होते हैं। इसके बावजूद भी यह नहीं मालूम है कि जो पानी हम पी रहे हैं वो सुरक्षित है या नहीं ?
बोतल बंद पानी कितना शुद्ध है?
एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार ने साल 2014-15 में बोतलबंद पानी की क्वालिटी को लेकर जांच कराई थी। उसमें निकले नतीजों से पता चला कि आधे से ज्यादा ब्रांड की क्वालिटी खराब थी। यानी कि वे दाम तो बेहतरीन पानी के वसूल रहे थे। लेकिन पानी की क्वालिटी खराब या औसत दर्जे की थी।
देश में तेजी से बढ़ रही है बोतल बंद पानी की डिमांड
भारत में बोतल बंद पानी की मांग दिनों दिन बढ़ती जा रही है। सफर, होटल या कोई फंक्शन हो, हर जगह बोतल बंद पानी का इस्तेमाल हो रहा है। भारत में बोतलबंद पानी के 5000 से भी ज्यादा निर्माता हैं। जिनके पास ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड लाइसेंस है।