Go First में फंसे यात्रियों के जल्द मिलेंगे पैसे! रद्द टिकटों का पैसा लौटाने के लिए NCLT से मांगी अनुमति, 31 जुलाई तक सभी फ्लाइट रद्द

Go First एयरलाइन ने 31 जुलाई तक उड़ान रद्द करने की अवधि को और बढ़ाने की घोषणा की है। गो फर्स्ट द्वारा शुक्रवार को ट्विटर पर लिखा गया कि हमें यह बताते हुए खेद हो रहा है कि परिचालन कारणों से 31 जुलाई 2023 तक निर्धारित गो फर्स्ट उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। उड़ान रद्द होने से हुई असुविधा के लिए हम माफी मांगते हैं

अपडेटेड Jul 30, 2023 पर 10:23 PM
Go First: उन यात्रियों को पैसे जल्द ही वापस मिल जाएंगे जिन्होंने 3 मई के बाद टिकट बुक करवाई थी

आर्थिक संकट से गुजर रही एयरलाइन गो फर्स्ट (Go First) ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से आग्रह किया है कि उसे 3 मई और उसके बाद की टिकट बुक करने वाले यात्रियों को पैसा लौटाने की अनुमति दी जाए। अगर ट्रिब्यूनल द्वारा अनुमति दी जाती है तो उन यात्रियों को पैसे वापस मिल जाएंगे जिन्होंने 3 मई के बाद टिकट बुक करवाई थी। बता दें कि नकदी संकट से जूझ रही एयरलाइन कंपनी ने 3 मई से अपनी विमान सेवाएं बंद कर दी थीं।

वाडिया समूह के स्वामित्व वाली गो फर्स्ट (Wadia group-owned Go First) के रेसोलुशन प्रोफेशनल ने NCLT की दिल्ली शाखा में नई याचिका दायर कर 3 मई और उसके बाद की यात्रा टिकटों का पैसा लौटाने की अनुमति देने का आग्रह किया है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इस याचिका पर सोमवार 31 जुलाई को महेंद्र खंडेलवाल और राहुल पी भटनागर की सदस्यता वाली NCLT पीठ सुनवाई करेगी। अगर गो फर्स्ट को यह अनुमति मिल जाती है तो इससे उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनका पैसा फंसा है।


इस आवेदन को लेकर सोमवार को महेंद्र खंडेलवाल और राहुल पी भटनागर की एनसीएलटी पीठ द्वारा सुनवाई होनी है। अगर न्यायाधिकरण द्वारा अनुमति दी जाती है तो उन यात्रियों को पैसे वापस मिल जाएंगे जिन्होंने 3 मई के बाद टेकट बुक करवाई थी।

31 जुलाई तक सभी फ्लाइट रद्द

इस बीच, गो फर्स्ट एयरलाइन ने 31 जुलाई तक उड़ान रद्द करने की अवधि को और बढ़ाने की घोषणा की है। गो फर्स्ट द्वारा शुक्रवार को ट्विटर पर लिखा गया कि हमें यह बताते हुए खेद हो रहा है कि परिचालन कारणों से 31 जुलाई 2023 तक निर्धारित गो फर्स्ट उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। उड़ान रद्द होने से हुई असुविधा के लिए हम माफी मांगते हैं। 3 मई को गो फर्स्ट ने अपनी उड़ानें रद्द कर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के समक्ष स्वैच्छिक दिवालियापन के लिए याचिका दायर की था। इसमें यूएस-आधारित इंजन निर्माता, प्रैट एंड व्हिटनी की ओर से दायित्वों को तुरंत पूरा करने में असमर्थता के कारण देरी का आरोप लगाया गया है, जिसके कारण इसके बेड़े के एक हिस्से को खड़ा करना पड़ा।

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पिछले शुक्रवार को DGCA ने बंद पड़ी एयरलाइन को अपना परिचालन फिर से शुरू करने की सशर्त अनुमति दे दी थी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने कहा था कि गो फर्स्ट अंतरिम फंडिंग की उपलब्धता और नियामक द्वारा उड़ान कार्यक्रम की मंजूरी पर निर्धारित उड़ान संचालन फिर से शुरू कर सकता है। DGCA ने 15 विमानों और 114 दैनिक उड़ानों के संचालन की अनुमति दी थी। DGCA ने कहा कि उड़ान कार्यक्रम की मंजूरी के बाद ही टिकटों की बिक्री शुरू की जा सकती है।

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