रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) बैंकों में पड़े अनक्लेम्ड डिपॉजिट का पता लगाने और उनके सेटलमेंट के लिए 100 डेज 100 पे के नाम से एक खास अभियान चला रही है। इसके तहत 100 दिनों के अंदर सभी बैंकों में पड़े अनक्लेम्ड डिपॉजिट का पता लगा कर उनका निपटारा किया जाएगा। बता दें कि जो भी करेंट या फिर सेविंग अकाउंट 10 सालों से बंद पड़े हैं और उनको ऑपरेट नहीं किया जा रहा है साथ ही जिन भी एफडी या फिर आरडी खातों के मेच्योर होने के 10 साल बाद तक उनको क्लेम नहीं किया गया है उनको अनक्लेम्ड डिपॉजिट की कटेगरी में रखा जाता है।
1 जून से शुरू होगा RBI का ये खास अभियान
RBI का खास अभियान 100 डेज, 100 पे अभियान 1 जून से शुरू होगा। रिजर्व बैंक ने इस अभियान के शुरू होने के बाद 100 दिनों के अंदर हर एक बैंक को अपने जिलों में टॉप 100 अनक्लेम्ड डिपॉजिट का पता लगाने और उनका निपटारा करने को कहा है। ऐसे में आपके लिए भी यह जानना जरूरी हो जाता है कि कहीं आपका खाता भी तो अनक्लेम्ड डिपॉजिट की कटेगरी में तो नहीं आता है।
हालांकि अगर आपका खाता काफी पुराना है तो आपको अनक्लेम्ड डिपॉजिट का दावा करने के लिए थोड़ी परेशानी भी झेलनी पड़ेगी। इसके लिए आपको बैंक भी जाना पड़ सकता है। हालांकि इन बाधाओं को दूर करने के लिए रिजर्व बैंक ने एक वेब पोर्टल भी बनाया है। हालांकि अभी तक इस सुविधा के लिए कोई भी टाइमलाइन नहीं बनाई गई है। अगर कोई खाता दो साल से भी ज्यादा वक्त से एक्टिव नहीं है तो बैंक को फोन या ईमेल के जरिए ग्राहक से संपर्क करना होता है। हालांकि कई बार ऐसा भी होता है कि कॉन्टैक्ट बदल जाने की वजह से बैंक ग्राहकों से संपर्क नहीं साध पाते हैं।
आपको बैंक में अनक्लेम्ड डिपॉजिट का दावा करने के लिए केवाईसी भी करानी पड़ेगी। इसके लिए आपको सभी जरूरी दस्तावेज देने होंगे। हालांकि बैंक इस बात का खुलासा कभी नहीं करेगा कि आपके खाते में कितना पैसा जमा है। इस अभियान के तहत बैंक उन खातों पर ज्यादा फोकस करेंगे जिनमें कोई नॉमिनी मौजूद हो। बैंक की तरफ से सारे दस्तावेजों को वेरिफाई करने के बाद या तो उस खाते को चालू कर दिया जाएगा और आपके खाते में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाएगा। अगर आप किसी भी खाते के लिए दावा करते हैं तो भले ही वह कितना भी पुराना हो लेकिन बैंक को 15 दिनों के अंदर उसका निपटारा करना होता है। अगर बैंक 15 दिनों के अंदर निपटारा नहीं करता है तो आप इसकी शिकायत भी कर सकते हैं। 1 महीने तक कोई एक्शन ना लेने पर आप बैंकिंग लोकपाल में इसकी शिकायत कर सकते हैं।
कैसे कर सकते हैं अनक्लेम्ड डिपॉजिट की जांच और उसका दावा
सबसे पहले तो हर बैंक को नाम और पते के साथ अनक्लेम्ड डिपॉजिट की लिस्ट जारी करनी होगी। लिस्ट में अपना नाम चेक करने के लिए आपको बैंक की वेबसाइट देखना होगा। अगर आपको लिस्ट में अपना या फिर अपने किसी रिश्तेदार का नाम दिखता है तो आपको अपनी नजदीकी ब्रांच में जाकर फॉर्म भरना होगा और साइन करके क्लेम पेपर को जमा करना होगा। इसके बाद केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करना होगा। अगर अकाउंट होल्डर की मृत्यु हो गई है और कोई भी रजिस्टर्ड नॉमिनी मौजूद नहीं है या फिर उसकी भी मृत्यु हो गई तो वसीयत के मुताबिक उत्तराधिकार प्रमाण पत्र या प्रोबोट और नोटरीकृत मृत्यु प्रमाण पत्र जमा करके क्लेम किया जा सकता है। अगर रकम बड़ी है तो कुछ बैंक परिवार के सभी सदस्यों से क्षतिपूर्ती और नो ऑब्जैक्शन सर्टिफिकेट मांगा जा सकता है। बैंकों की तरफ से सभी दस्तावेजों को वेरिफाई करने के बाद पैसा ट्रांसफर कर दिया जाएगा।