देश में अगले साल मिनिमम वेज (Minimum Wage) की जगह लिविंग वेज (Living Wage) लागू हो सकता है। सरकार ने इस बारे में इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन (ILO) से तकनीकी मदद मांगी है। लिविंग वेज का अनुमान लगाने और इसे लागू करने के लिए एक फ्रेमवर्क की जरूरत पड़ेगी। इस महीने की शुरुआत में ILO ने लिविंग वेज का कॉनसेप्ट पेश किया था। इससे पहले मिनिमम वेज की जगह लिविंग वेज को लागू करने के एग्रीमेंट पर सहमति बनी थी। यह सहमति फरवरी में बनी थी, जब वेज पॉलिसीज पर एक्सपर्ट्स की एक मीटिंग हुई थी। ILO की गवर्निंग बॉडी ने 13 मार्च को अपने सेशन में इस पर मुहर लगा दी थी। एक सीनियर अफसर ने इकोनॉमिक टाइम्स को बताया कि एक साल के अंदर मिनिमम वेज की व्यवस्था बदल जाएगी।
