Get App

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम धड़ाम, कंपनियां काट रहीं हैं चांदी, ग्राहकों को दिखाया ठेंगा

Oil Prices fell: अंततराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के पिछले 2.5 साल के निचले स्तर पर चली रही है। तेल कंपनियां बंपर मुनाफा काट रही हैं। इसके बावजूद ग्राहकों को कई फायदा नहीं मिल रहा है। मौजूदा समय कच्चे तेल के दाम 71 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रहे हैं। इससे तेल कंपनियों का मुनाफा 15 रुपये तक बढ़ा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 28, 2024 पर 10:41 AM
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम धड़ाम, कंपनियां काट रहीं हैं चांदी, ग्राहकों को दिखाया ठेंगा
Oil Prices fell: अनुमान जताया जा रहा है कि इस साल सरकार के तेल के जरिए 60,000 करोड़ रुपये की बचत कर सकती है।

देश भर में आम जनता मंहगाई की मार से जूझ रही है। पेट्रोल –डीजल के आसामन छूते दाम से जनता परेशान है। इधर कच्चे तेल के दाम अंतराराष्ट्रीय बाजार में पिछले 2.5 साल के निचले स्तर पर हैं। कच्चे तेल के दाम में भारी गिरावट आई है। लेकिन इसका फायदा अभी तक ग्राहकों तक नहीं पहुंचा है। तेल कंपनियों ने अभी तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अभी तक कोई कटौती नहीं की है। मार्च से लेकर अब तक तेल कंपनियों को पेट्रोल में 15 रुपये और डीजल में 12 रुपये का मुनाफा बढ़ा है। हालांकि अभी तक इसका फायदा ग्राहकों को नहीं मिला है।

27 सितंबर 2024 को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम 84 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 71.31 डॉलर हो गए हैं। कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। इससे अनुमान जताया जा रहा है कि इस साल सरकार आयात के बिल के तौर पर 60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत कर सकती है।

ग्राहकों को क्यों नहीं मिल रहा है फायदा?

इन्वेस्टमेंट इन्फॉर्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (Investment Information and Credit Rating Agency) इंक्रा ने एक रिपोर्ट में कहा है कि मार्च से अब तक कच्चे तेल की कीमत 12 फीसदी की गिरावट आई है। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सऊदी अरब उत्पादन बढ़ाने को कच्चे तेल के लिए 100 डॉलर प्रति बैरल के अपने मूल्य लक्ष्य को छोड़ने की तैयारी कर रहा है। इससे आने वाले समय में कीमतों में और गिरावट की आशंका है, जिससे घरेलू कंपनियों के मुनाफे में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में इंक्रा का कहना है कि चाहे तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियां अपने ग्राहकों को फायदा दे सकती है। लेकिन अभी तक कंपनियों ने ऐसा नहीं किया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पिछले कई महीनों से मुनाफे की चांदी काट रही हैं। कंपनियां लंबे समय से पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बनाए हुए हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें