PM Kisan Samman Nidhi: पीएम किसान सम्मान निधि योजना केंद्र की मोदी सरकार की महत्वकांक्षी योजना में से एक है। इस योजना के तहत देश भर के करोड़ों किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाती है। पिछले महीने केंद्र सरकार ने 12 किश्त के 2,000 रुपये ट्रांसफर किए थे। इसमें कई ऐसे किसान सामने आए हैं। जिन्होंने गलत तरीके से इसका फायदा उठाया है। इसको लेकर सरकार सतर्क हो गई है। अपात्र किसानों के खिलाफ सरकार रिकवरी करने में जुटी हुई है। कई लोगों से पैसे वापस भी लिए जा चुके हैं।
भूलेखों के सत्यापन के चलते इस बार पीएम किसान का फायदा लेने वाले किसानों की संख्या में भारी कमी आई है। 11वीं किश्त में 10 करोड़ किसानों को पैसे ट्रांसफर किए गए थे। इस बार 12वीं किश्त में 8 करोड़ किसानों को पैसे ट्रांसफर किए गए हैं। कुल मिलाकर 2 करोड़ किसानों की कमी आई है। ये ऐसे किसान हैं जो गलत तरीके से पीएम किसान सम्मान निधि का फायदा उठा रहे थे। सरकार ने जिन किसानों को अयोग्य पाया है। उन्हें नोटिस जारी कर रही है। अब तक कई लोगों को नोटिस जारी कर चुके हैं। इसमें अपात्र किसानों से सभी किश्तें वापस करने के लिए कहा गया है।
इन लोगों को नहीं मिलता फायदा
अगर कोई किसान किसी दूसरे किसान से जमीन लेकर किराए पर खेती करते हैं। तब ऐसी स्थिति में उसे भी योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। पीएम किसान में लैंड की ओनरशिप जरूरी है। वहीं अगर कोई किसान या परिवार में कोई संवैधानिक पद पर है तो उसे लाभ नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, आर्किटेक्ट्स और वकील जैसे प्रोफेशनल्स को भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। भले ही वो किसानी भी करते हों। इसके साथ ही 10,000 रुपये से अधिक की मासिक पेंशन पाने वाले रिटायर्ट कर्मचारियों को भी इसका फायदा नहीं मिलेगा।
पीएम किसान योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए किसान आधिकारिक ईमेल आईडी pmkisan-ict@gov.in पर संपर्क कर सकते हैं। पीएम किसान योजना के हेल्पलाइन नंबर - 155261 या 1800115526 (Toll Free) या फिर 011-23381092 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
किसानों को सालाना मिलते हैं 6,000 रुपये
बता दें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत मोदी सरकार की तरफ से किसानों को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं। सरकार का मकसद है कि इससे किसानों को इनकम दोगुनी हो जाए। सरकार की किसानों को सीधा कैश पहुंचाने वाली यह योजना है। इस योजना के तहत किसानों को साल भर में तीन किश्तों में 6000 रुपये दिए जाते हैं। हर एक किश्त में 2,000 रुपये दिए जाते हैं।