PM Kisan Samman Nidhi: बड़ा घोटाला उजागर! हरियाणा के किसानों का पैसा, बिहार-झारखंड भेजा, केस दर्ज

PM Kisan Samman Nidhi: हरियाणा के पलवल में पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर बड़ा घोटाला सामाने आया है। फर्जी कागजों के जरिए यहां के किसानों को पैसा बिहार-झारखंड भेजा जा रहा था

अपडेटेड Nov 13, 2022 पर 2:26 PM
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पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।

PM Kisan Samman Nidhi: देश के किसानों की आर्थिक सेहत में सुधार लाने के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। इस बीच हरियाणा के पलवल में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। पलवल के घुड़ावली गांव में रहने वाले 22 किसानों का पैसा फर्जी डॉक्यूमेंट्स के जरिए हड़प लिया गया। ये पैसे पलवल के किसानों के नाम जारी किया गया था। लेकिन ये पैसे बिहार और झारखंड के लोगों के अकाउंट में पैसे जा रहे थे। पलवल के किसानों को जब 5-6 किश्त के पैसे नहीं मिले। तब उन्होंने शिकायत की। इसके बाद जांच पड़ताल में यह मामला सामने आया।

फर्जी डॉक्यूमेंट्स के जरिए हड़पी रकम

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जालसाजी करने वालों ने फर्जी डॉक्यूमेंट्स के जरिए पलवल के किसानों के अकाउंट की जगह अपने बैंक अकाउंट को सम्मान निधि योजना से कनेक्ट करा लिया था। इस मामले में क्राइम ब्रांच की जांच के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, घुड़ावली गांव के रहने वाले नियाज मोहम्मद, हारूण, मोहम्मद साबिर, कृष्ण कुमार और शाहरुख समेत 22 लोगों ने एसपी को शिकायत दी। इसमें कहा गया था कि उनके नाम से जारी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पैसे दूसरों के अकाउंट में जमा कराए जा रहे हैं। योजना के तहत पांच-छह किश्त दूसरों के अकाउंट में जमा कराई जा चुकी है।

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विभागीय अधिकारियों की मिली भगत

इस मामले में कृषि विभाग के अधिकारियों की मिली भगत की आशंका जताई जा रही है। जांच अधिकारियों ने जब कृषि विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई। तब वो लोग रिपोर्ट देने में लटकाते रहे। नोटिस देने की बात कहने पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने रिपोर्ट दी। जांच में पाया गया ति जिन किसानों के नाम से पैसे दूसरे अकाउंट में जमा कराए गए। उनमें बिहार, झारखंड और दूसरे राज्यों के मोबाइल नंबर अपलोड हैं। इसके साथ ही बैंक अकाउंट भी अलग-अलग नामों से दर्ज हैं।

फर्जी मुहर लगाकर हड़पे पैसे 

पुलिस ने बताया कि किसानों के फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनाकर, फर्जी लंबरदार और फर्जी पटवारी की मुहर बनवाकर किसानों के पैसे हड़पे गए। जिन लोगों के नाम पर राशि की जारी की गई है। उनके न तो हस्ताक्षर हैं और न ही उनके अंगूठे के निशान हैं। बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर भी अलग-अलग हैं। किसानों ने शंका जताई है कि इस मामले में स्थानीय नागरिक और कृषि विभाग के अधिकारी शामिल हैं। फिलहाल पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।

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