प्याज की कीमतें जिस तेजी से ऊपर चढ़ रही हैं, उसे थामने के लिए सरकार को आगे आना पड़ा है। केंद्र सरकार ने आज प्याज के निर्यात के लिए न्यूनतन 800 डॉलर (करीब 66.7 हजार रुपये) प्रति टन का भाव फिक्स कर दिया है। यह फैसला इस साल के आखिरी यानी 31 दिसंबर 2023 तक लागू रहेगा। इससे जुड़ी अधिसूचना डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने जारी कर दी है। इससे पहले सरकार ने 19 अगस्त को प्याज के निर्यात पर 40 फीसदी की ड्यूटी लगाई थी और यह इसकी मियाद 31 दिसंबर तय की गई थी। यह फैसला भी प्याज की कीमतों को थामने के लिए किया गया था। हालांकि सितंबर के आखिरी में बैंगलोर रोज प्याज पर से इस ड्यूटी को हटा दिया गया लेकिन इसके लिए कर्नाटक सरकार से निर्यात की मात्रा पर मंजूरी लेने का प्रावधान भी किया गया।
घरेलू मार्केट में बात करें तो प्याज बहुत आंसू निकाल रहा है। सप्लाई कम होने के चलते इसके भाव राजधानी दिल्ली में 65-80 रुपये प्रति किग्रा तक पहुंच गया। दिल्ली एनसीआर में मदर डेयरी के करीब 400 Safal रिटेल स्टोर्स हैं जहां यह 67 रुपये के भाव पर बिक रहा है। ई-कॉमर्स पोर्टल बिगबास्केट भी इसी भाव पर बेच रही है लेकिन लोकल वेंडर्स इसे 80 रुपये के भाव पर बिक रहे हैं।
₹100 तक भाव जाने की आशंका
त्योहारी सीजन में प्याज बहुत रुला रहा है लेकिन अभी भी राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हं। आने वाले हफ्तों में इसके 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की आशंका है। कीमतों में यह उछाल सप्लाई में दिक्कतों के चलते दिख रही है। रबी प्याज खत्म होने में और खरीफ प्याज की आवक में देरी के चलते ही सप्लाई प्रभावित हुई है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार ने 27 अक्टूबर को खुदरा मार्केट में अपने बफर स्टॉक से 25 रुपये के भाव पर प्याज की बिक्री बढ़ाने का फैसला किया। सरकार अगस्त के बीच से ही बफर स्टॉक से प्याज दे रही है। अगस्त के मध्य से 22 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर यहां से करीब 1.7 लाख टन प्याज दी गई।