GPS Toll System: नितिन गडकरी ने दिया तोहफा, 20 किमी तक नहीं देना होगा टोल टैक्स, अब सैटेलाइट से होगी वसूली

GPS Toll System: सड़क परिवहन मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि अब टोल कलेक्शन सैटेलाइट के जरिए शुरू कर दिया जाएगा। इससे हाईवे पर लगने वाली लंबी कतारों से लोगों को छुटकारा मिलेगा। अब एक न‍िश्‍च‍ित दूरी तक कार चलाने वालों को हाइवे और एक्‍सप्रेस वे पर क‍िसी तरह का टोल टैक्‍स नहीं देना होगा

अपडेटेड Sep 11, 2024 पर 12:36 PM
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GPS Toll System: GPS के सहारे सैटेलाइट से टोल टैक्‍स लिया जाएगा। इसमें शुरुआती 20 किमी तक टोल टैक्स नहीं देना होगा।

देश भर में अब जल्द ही सैटेलाइट बेस्ड टोल कलेक्शन सिस्टम लागी हो जाएगा। इस मामले में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways) ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसमें रेट और कलेक्शन के निर्धारण नियम, 2008 में बदलाव किया गया है। इससे सैटेलाइट आधारित सिस्टम के जरिए इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन को शामिल किया गया है। कुल मिलाकर अब सैटेलाइट के जरिए टोल टैक्स की वसूली होगी। इसका मकदस टोल कलेक्शन को बढ़ाना और टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ को कम करना है। इस सिस्‍टम से 20KM तक कोई टोल देने की जरूरत नहीं होगी, वरना पहले हर टोल प्‍लाजा पर टैक्‍स की वसूली होती थी।

सरकार की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक, ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम से टोल की शुरुआत जल्द होगी। इसके लिए सरकार ने 4 हाईवे पर ट्रायल भी किया था। इसके बाद सरकार ने ये फैसला लिया है कि अब इसे हाईवे और अन्‍य जगहों पर लगाया जाएगा। सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस बारे में नियम बना दिए हैं।

सैटेलाइट से होगी टोल टैक्स की वसूली


सरकारी नियमों के मुताबिक, ये पूरा सिस्टम GPS पर आधारित होगा। इसके सहारे सैटेलाइट से टोल टैक्स की वसूली की जाएगी। शुरुआती 20 किमी तक के लिए टोल टैक्स नहीं देना होगा। इसके बाद जैसे ही 20 किमी पूरा होगा, ऑटोमैटिक टोल टैक्स कट जाएगा। इससे टैक्स वसूली के लिए सबसे पहले वाहनों में GPS लगाया जाएगा। ये बदलाव ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) के इस्तेमाल के लिए किया गया है। इसमें ऑनबोर्ड यूनिट्स (OBUs) के साथ GPS लगा रहेगा। इसी OBU की मदद से सैटेलाइट कार से तय दूरी को ट्रैक कर लेगा। इस नए सिस्टम के लिए कार में ओबीयू लगवाना होगा।

यही ओबीयू कार की हर डिटेल जुटाएगा, जिसे हाईवे पर लगे कैमरे सैटेलाइट से शेयर करेंगे। जिसके बाद सैटेलाइट से ही टोल टैक्स कट जाएगा। यह तकनीक फास्टैग (FASTag) के साथ काम करेगी। यानी आपके पास अगर फास्टैग है तब भी आप इस नई तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैँ। सड़क पर‍िवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया क‍ि उन्होंने नया तरीका निकाला है, जिससे टोल प्लाजा पर गाड़ियों को रुकने की जरूरत कम पड़ेगी।

20 किलोमीटर से ज्‍यादा यात्रा करने पर नियम

नोटिफिकेशन में बताया गया है कि अगर कोई व्‍यक्ति हाईवे, एक्‍सप्रेसवे, टनल या फिर ब्रिज से यात्रा करता है तो 20km तक यात्रा फ्री रहेगी। कहने का मतलब ये हुआ कि टोल टैक्‍स नहीं देना होगा। लेकिन अगर 20km से ज्‍यादा दूरी तय करते हैं तो जितना सफर तय किया है, उस हिसाब से टोल की वसूली की जाएगी। यानी पूरी दूरी पर टोल लिया जाएगा।

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