Service Charge: आपके रेस्टोरेंट के बिल में जुड़ा है सर्विस चार्ज? जानिए कैसे बचा सकते हैं अपने पैसे

Service Charge: अगर आप किसी रेस्टोरेंट में खाना खाने जाते हैं और बिल में 'सर्विस चार्ज' जुड़ा हुआ दिखता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बहुत से लोग इसे सरकार द्वारा लगाया गया टैक्स समझकर बिना सवाल किए भुगतान कर देते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि सर्विस चार्ज देना ग्राहक के लिए अनिवार्य नहीं है

अपडेटेड Jul 23, 2026 पर 4:02 PM
Service Charge: रेस्टोरेंट अपनी मर्जी से या आपको बिना बताए बिल में 'सर्विस चार्ज' (Service Charge) नहीं जोड़ सकते।

Service Charge: वीकेंड पर परिवार या दोस्तों के साथ रेस्टोरेंट में खाना खाने के बाद जब बिल आता है, तो उसमें अक्सर 5 से 10 प्रतिशत तक का 'सर्विस चार्ज' जुड़ा हुआ दिखाई देता है। कई बार ग्राहक इसे हटाने की मांग करते हैं। लेकिन रेस्तरां कर्मचारी इसे अनिवार्य बताकर हटाने से इनकार कर देते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या रेस्टोरेंट ग्राहकों से जबरन सर्विस चार्ज वसूल सकते हैं?

यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है क्योंकि केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हाल ही में साफ कहा था कि रेस्तरां द्वारा अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज वसूलना नियमों के खिलाफ है। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सरकार की सख्त चेतावनी


प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लिया है। संबंधित अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जो रेस्तरां इस अवैध प्रथा को जारी रखेंगे, उन्हें न सिर्फ भारी जुर्माना भरना पड़ेगा। बल्कि उनकी प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंच सकता है।

सरकार का यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने देशभर के 41 रेस्तरां के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इनमें Chaayos और Barbeque Nation जैसी लोकप्रिय चेन भी शामिल हैं। इन रेस्तरां पर ग्राहकों के बिल में बिना अनुमति डिफॉल्ट रूप से सर्विस चार्ज जोड़ने की शिकायतें मिली थीं।

क्या होता है सर्विस चार्ज?

सर्विस चार्ज कोई सरकारी टैक्स नहीं है। यह वह अतिरिक्त राशि होती है जिसे रेस्तरां अपने कर्मचारियों की सेवा के बदले ग्राहकों से वसूलते हैं। आमतौर पर यह कुल बिल का 5 से 10 प्रतिशत होता है। यह राशि GST से अलग होती है। जहां GST सरकार के खाते में जमा होता है। वहीं, सर्विस चार्ज रेस्तरां के पास ही रहता है। अलग-अलग रेस्तरां इसे अपने कर्मचारियों में अलग-अलग तरीके से बांटते हैं।

क्या रेस्तरां आपको सर्विस चार्ज देने के लिए मजबूर कर सकते हैं?

सरकारी गाइडलाइंस के अनुसार इसका जवाब है...नहीं। CCPA ने वर्ष 2022 में जारी दिशानिर्देशों में स्पष्ट किया था कि कोई भी रेस्तरां ग्राहकों के बिल में अपने आप सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकता। इसे अनिवार्य या बाध्यकारी नहीं बताया जा सकता। यदि कोई ग्राहक इसे देने से इनकार करता है तो उसे सेवा देने या रेस्तरां में एंट्री से भी मना नहीं किया जा सकता। सरकार का कहना है कि सर्विस चार्ज देना या न देना पूरी तरह ग्राहक की इच्छा पर निर्भर होना चाहिए।

फिर भी क्यों वसूला जा रहा है सर्विस चार्ज?

CCPA के गाइडलाइंस जारी होने के बाद कई रेस्तरां संगठनों ने इन्हें अदालत में चुनौती दी। उनका तर्क है कि सर्विस चार्ज उनकी मूल्य निर्धारण नीति का हिस्सा है। इसकी जानकारी पहले से मेन्यू कार्ड या रेस्तरां में नोटिस के जरिए ग्राहकों को दे दी जाती है। यदि ग्राहक यह जानकारी देखकर भी भोजन करता है तो उसने इन शर्तों को स्वीकार कर लिया है।

हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि सिर्फ मेन्यू या नोटिस बोर्ड पर जानकारी लिख देने से ग्राहक पर अतिरिक्त शुल्क थोपने का अधिकार नहीं मिल जाता। फिलहाल यह मामला अदालत में लंबित है, इसलिए कई रेस्तरां अब भी सर्विस चार्ज वसूल रहे हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा?

मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि सर्विस चार्ज को अनिवार्य बनाना अनुचित व्यापारिक व्यवहार (Unfair Trade Practice) माना जा सकता है। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि क्या रेस्तरां सूचीबद्ध कीमत और लागू टैक्स के अलावा ग्राहकों से अतिरिक्त राशि देने के लिए उन्हें बाध्य कर सकते हैं। हालांकि इस मामले में अभी अंतिम फैसला नहीं आया है।

क्या मेन्यू पर 'सर्विस चार्ज लागू है' लिखने से भुगतान अनिवार्य हो जाता है?

इसका जवाब है नहीं। कई रेस्तरां अपने मेन्यू या परिसर में सर्विस चार्ज लागू होने का नोटिस लगाते हैं। रेस्तरां संगठनों का कहना है कि यह पहले से दी गई सूचना है। लेकिन उपभोक्ता संरक्षण अधिकारियों का मानना है कि केवल सूचना देने से ग्राहक का यह अधिकार खत्म नहीं हो जाता कि वह अनिवार्य रूप से लगाए गए सर्विस चार्ज को देने से इनकार कर सके।

क्या सर्विस चार्ज न देने पर रेस्तरां आपको रोक सकता है?

CCPA के दिशानिर्देशों के मुताबिक बिल्कुल नहीं। रेस्तरां किसी ग्राहक को रेस्टोरेंट में सिर्फ इसलिए एंट्री देने से इनकार नहीं कर सकता क्योंकि वह सर्विस चार्ज नहीं देना चाहता। इसके अलावा ग्राहक पर भुगतान के लिए दबाव बनाना, डराना-धमकाना या सर्विस चार्ज का भुगतान होने तक उसे रेस्तरां से बाहर जाने से रोकना भी नियमों के खिलाफ है।

यदि रेस्तरां सर्विस चार्ज हटाने से मना कर दे तो क्या करें?

यदि आपको लगता है कि सर्विस चार्ज गलत तरीके से लगाया गया है तो सबसे पहले विनम्रता से इसे हटाने की मांग करें और संशोधित बिल देने के लिए कहें। अगर रेस्तरां मना कर देता है तो बिल की प्रति अपने पास रखें और नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन या संबंधित उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। हाल ही में CCPA द्वारा की गई कार्रवाई भी उपभोक्ताओं की शिकायतों के आधार पर ही शुरू हुई है।

क्या सर्विस चार्ज और टिप एक ही चीज हैं?

जवाब है नहीं...। टिप (Tip) पूरी तरह स्वैच्छिक होती है, जिसे ग्राहक अच्छी सेवा से संतुष्ट होकर अपनी इच्छा से देता है। जबकि सर्विस चार्ज रेस्तरां द्वारा बिल में जोड़ी जाने वाली अतिरिक्त राशि है। यदि सर्विस चार्ज हट भी जाए, तब भी ग्राहक चाहे तो अपनी इच्छा से टिप दे सकता है या बिल्कुल भी नहीं दे सकता।

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