1 अप्रैल के साथ ही नया वित्त वर्ष शुरू हो गया। नए वित्त वर्ष के शुरू होने के साथ ही कई सारे ऐसे अहम बदलाव होने वाले हैं जिनका हमारी जेब पर सीधा असर देखने को मिलेगा। ऐसे में हमारे लिए इस तरह के सभी बदलावों से वाकिफ होना जरूरी है। ताकी आप इन बदलावों की वजह से होने वाले खर्च को मैनेज करने में आसानी हो।
RBI बढ़ा सकती है ब्याज दरें
अप्रैल के पहले ही हफ्ते में RBI की मॉनिट्री पॉलिसी कमेटी की बैठक होने वाली है। ऐसे में यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि RBI रेपो रेट में एक बार फिर से इजाफा कर सकती है। अगर आरबीआई रेपो रेट में इजाफा करती है तो एक बार फिर से सभी तरह के लोन महंगे हो जाएंगे। वहीं एफडी जैसे बचत साधनों में निवेश करने वालों को उनकी इनवेस्टमेंट पर ज्यादा रिटर्न मिला करेगा।
बदल जाएंगे टैक्स से जुड़े नियम
1 अप्रैल से ही इनकम टैक्स से जुड़े नियमों में भी बदलाव होने जा रहा है। अगर आप अपनी मौजूदा कंपनी में अपने टैक्स रिजीम के बारे में नहीं बताते हैं तो बाई डिफॉल्ट आपको नए टैक्स रिजीम में रख दिया जाएगा। हालांकि नए टैक्स रिजीम के तहत टैक्स लिमिट को बढ़ाकर 7 लाख का कर दिया गया है। यह नया टैक्स स्लैब भी 1 अप्रैल से ही लागू हो रहा है।
SCSS और POMIS में बढ़ाई गई इनवेस्टमेंट की लिमिट
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम के तहत मैक्सिमम डिपॉजिट लिमिट 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है। सरकार ने सीनियर सिटीजन्स को फायदा देते हुए सीनियर सिटीजन सेविंह स्कीम और मंथली इनकम स्कीम के तहत मैक्सिमम डिपॉजिट लिमिट में बढ़ोतरी शामिल है। बजट 2023 में इन दोनों ही योजनाओं में वरिष्ठ नागरिकों को प्रेरित करने के कई उपाय किए गए हैं। 1 अप्रैल से वरिष्ठ नागरिक इन योजनाओं में 30 लाख रुपये का इनवेस्टमेंट कर पाएंगे।
डेट म्यूचुअल फंड के लिए कोई भी टैक्स बेनिफिट
डेट म्यूचुअल फंड में निवेश पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के बजाय शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन के तौर पर टैक्स लगाया जाएगा। यह नियम भी 1 अप्रैल से लागू होगा। अभी 31 मार्च तक डेट फंड्स पर किए गए कैपिटल गेन को लॉन्ग टर्म माना जाता है। इस तरह के लॉन्ग टर्म पर फिलहाल 20 फीसदी का टैक्स लगता है। यह नियम 1 अप्रैल से लागू नहीं होगा।
नेशनल पेंशन सिस्टम के लिए नया नियम 1 अप्रैल से लागू होगा। इसके तहत पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने अब सालाना पेंशन इससे बाहर निकलने के इच्छुक सब्सक्राइबर्स को केवाईसी का निकासी से जुड़े डॉक्युमेंट्स को अपलोड करना कंपलसरी कर दिया गया है।
सोने की ज्वैलरी पर बदल जाएंगे नियम
1 अप्रैल से सोने के गहनों को लेकर भी नियम बदले जाएंगे। 1 अप्रैल हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर वाले केवल हॉलमार्क वाले सोने की ज्वैलरी को भारत के सभी स्टोर्स पर बेचने की मंजूरी होगी। यह एक छह नंबरों का एक कोड होता है। यह कोड हॉलमार्किंग से वक्त हर एख गहनों को दिया जाएगा और गहने के हर एक टुकड़े के लिए यह यूनीक होगा।
एक्सिस बैंक सेविंग अकाउंट के लिए बदलेगा नियम
1 अप्रैल से एक्सिस बैंक अपने सेविंग अकाउंट पर नियम बदलने वाला है। एक्सिस बैंक ने सेविंग अकाउंट और सैलरी अकाउंट के टैरिफ को रिवाइज कर देगा। उदाहरण के तौर पर बैंक ने प्रेस्टीज सेविंग अकाउंट के मिनिमम बैलेंस को रिवाइज कर दिया है।