जानिए जनवरी में केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज का DA 63% होने पर ट्रांसपोर्ट अलाउन्स कितना बढ़ जाएगा

डीए बढ़ने से ट्रांसपोर्ट अलाउन्स भी बढ़ेगा। दिसंबर के एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू रिलीज होने के बाद 50.14 लाख केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज और करीब 69 लाख पेंशनर्स का ट्रांसपोर्ट अलाउन्स बढ़ सकता है

अपडेटेड Jan 21, 2026 पर 7:47 PM
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महंगाई भत्ता में साल में दो बार संशोधन होता है। अगला संशोधन जनवरी 2026 में होने वाला है।

केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज इंडस्ट्रियल वर्कर्स (एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू) के लिए दिसंबर 2025 ऑल-इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के डेटा का इंतजार कर रहे हैं। इससे उन्हें महंगाई भत्ता (डीए) में संभावित वृद्धि का अंदाजा लगाने में मदद मिलेगी। महंगाई भत्ता में साल में दो बार संशोधन होता है। अगला संशोधन जनवरी 2026 में होने वाला है। सरकार ने जुलाई 2025 में डीए 55 फीसदी से बढ़ाकर 58 फीसदी कर दिया था।

डीए बढ़ने से ट्रांसपोर्ट अलाउन्स भी बढ़ेगा। दिसंबर के एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू रिलीज होने के बाद 50.14 लाख केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज और करीब 69 लाख पेंशनर्स का ट्रांसपोर्ट अलाउन्स बढ़ सकता है। हम मान लेते हैं कि डीए 5 फीसदी बढ़ता है। यह ध्यान में रखन जरूरी है कि डीए बढ़ने से सिर्फ ट्रांसपोर्ट अलाउन्स बढ़ता है। एचआरए जैसे दूसरे बेनेफिट्स तभी बढ़ते हैं, जब बेसिस सैलरी में संसोधन होता है। बेसिक पे आम तौर पर पे कमीशन की सिफारिशों के आधार पर संशोधित होता है। 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद जुलाई 2028 में बेसिक पे में अगला संशोधन होने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज के डीए का कैलकुलेशन कैसे होता है?


इसके लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू का इस्तेमाल होता है। इसे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय जारी करता है। नवंबर 2025 का एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू 148.2 है। मान लीजिए कि दिसंबर का एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू 148.2 पर अपरिवर्तित रहता है। डीए 5 फीसदी बढ़कर 63 फीसदी हो जाता है। ऐसे में कैलकुलेशन इस तरह होगा:

DA (%) = [{(Average AICPI-IW of last 12 months × 2.88) − 261.41} / 261.41​] × 100 − Existing DA (%)

148.2 × 2.88 = 426.81

426.81 - 261.41 = 165.4

165.4 ÷ 261.41 = 0.63

0.63 × 100 = 63.00

63 - 58 = 5%

सातवें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज का ट्रांसपोर्ट अलाउन्स उनके पे लेवल और पोस्टिंग के शहर की कैटेगरी से जुड़ा है। अभी शहरों के तीन वर्ग हैं। एक्स, वाय और जेड। एक्स शहर में टीए वायर और जेड के मुकाबले ज्यादा ट्रांसपोर्ट अलाउन्स बनता है।

यह अलाउन्स फिक्स्ड मंथली अमाउंट के रूप में मिलता है। डीए को टीए कंपोनेंट में जोड़ दिया जाता है। अलग से लेवल 14 और इससे ऊपर के एंप्लॉयीज जो ऑफिस कार के लिए एलिजिबल हैं, लेकिन यह सुविधा नहीं लेते हैं उन्हें हर महीने 15,750 रुपये मिलते हैं। शारीरिक रूप से दिव्यांग एंप्लॉयीज को दोगुना टीए मिलता है।

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ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉयीज फेडरेशन के प्रेसिडेंट मनजीत सिंह पटेल ने कहा, "जब कभी डीए बढ़ता है तो ट्रांसपोर्ट अलाउन्स में भी उतनी फीसदी की वृद्धि होती है।" इसे एक उदाहरण की मदद से समझा जा सकता है। मान लीजिए केंद्र सरकार का एक एंप्लॉयीज है, जिसका पे लेवल 5 है और वह वाय कैटेगरी के शहर में रहता है। इससे उसे 1,800 रुपये का ट्रांसपोर्ट अलाउन्स मिलता है। अगर उसका डीए 50 फीसदी बढ़ता है तो उसका टीए 900 रुपये तक बढ़ जाएगा। इससे यह कुल 2,700 रुपये हो जाएगा।

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सातवां सीपीसी 2016 में लागू होने के बाद से केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज का डीए बढ़कर 58 फीसदी हो गया है। ऐसे एंप्लॉयीज जिनका टीए पे कमीशन ने 1,800 रुपये फिक्स किया था, उनका टीए बढ़कर 2,844 रुपये हो गया है। इसलिए अगर डीए 5 फीसदी बढ़कर 63 फीसदी हो जाता है तो 1,800 रुपये टीए पर डीए का कंपोनेंट 1,134 रुपये होगा। इससे कुल टीए बढ़कर 2,934 रुपये हो जाएगा।

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