Tax Guru:टैक्स से जुड़ी हर उलझनों को दूर करने के लिए हाजिर सीएनबीसी-आवाज का पसंदीदा शो टैक्स गुरु। यहां आपको नियमों के दायरे में रहकर टैक्स बचाने के एक से बढ़कर एक तरीके बताए जाते। यह तरीके बताने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ के साथ इस बार हैं जानी-मानी टैक्स एक्सपर्ट गौरी चड्ढा। सबसे पहले नजर डालते है आज क्या है खास। आज हम सबसे पहले ये जानने की कोशिश करेंगे कि इनकम टैक्स रिटर्न प्रोसेस में क्यो हो रही है देरी? इसके लिए आपको किन बातों का रखना है ख्याल, फॉरेन रेमिटेंस पर हैं आयकर विभाग की नजर क्या सावधानी बरतने की है जरुरत, साथ ही ये भी बताएंगे कि अगर आपने ज्यादा सैलरी पर चुका दिया है अतिरिक्त टैक्स तो कैसे मिलेगा रिफंड।
टैक्स रिटर्न प्रोसेस में देरी क्यों?
बता दें कि टैक्स रिटर्न के प्रोसेसिंग की रफ्तार कम हुई है। 25-26 फीसदी रिटर्न प्रोसेस होना बाकी है। रिफंड नहीं होने पर भी रिटर्न प्रोसेस चेक करना जरुरी होता है। टैक्स रिटर्न के बीच इस साल डिमांड नोटिस मिलने की भी संभावना है। गलत या किसी और का ई-मेल आईटी दर्ज होने पर नोटिफिकेशन नहीं मिलेगा। आपको नोटिस का जवाब समय पर देना जरुरी है। डिफेक्टिव रिटर्न के सबसे ज्यादा नोटिस मिल रहे है। यानि आपको आईटी डिपार्टमेंट ने कह दिया कि आपने जो रिटर्न सबमिट किया है वो डिफेक्टिव है। जिसमें आपको 15-20 दिन का समय दिया जा रहा है जिसे आपको रिवाइज करके रिटर्न फाइल करना होगा। मिसमैच, डिमांड, बैंक वैलिडेशन जैसे कारणों से नोटिस मिलते है।
फॉरेन रेमिटेंस पर हैं आयकर विभाग की नजर
गौरी चड्ढा ने कहा कि जैसे कि मैंने पहले ही कहा कि सरकार की नजर आपकी इनकम से ज्यादा आर पैसे कहां खर्च कर रहे हैं उनपर है। गौरी ने बताया कि इनकम खर्चों का तालमेल नहीं होने पर फॉरेन रेमिटेंस के लिए नोटिस मिल सकता है। रेमिटेंस और आईटी रिटर्न जस्टिफाई होना जरुरी है। टैक्स चोरी हुई या नहीं इसकी जांच आईटी विभाग करेगा। मिसमैच होने पर हाई वैल्यू पेनल्टी और टैक्स भरना होगा।
पिछले 10-12 साल से अधिक सैलरी मिलने के कारण 30 फीसदी के टैक्स स्लैब में इनकम टैक्स का भुगतान किया है लेकिन अभी वेतन की रिकवरी के आदेश हुए हैं तो क्या ऐसा कोई प्रावधान है जो मैंने अब तक टैक्स भरा है वो मुझे वापस मिल जाए?
अशोक कुमार को सलाह देते हुए गौरी चड्ढा ने कहा कि गलत सैलरी देने से रिकवरी के मामले में टैक्स रिफंड का प्रावधान आईटी एक्ट में नहीं है। अब आपको रिटर्न रिवाइज का मौका भी नहीं मिलेगा। एम्प्लॉयर से बातचीत करके टैक्स रकम में रिलीफ की मांग करें।
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