Delhi Parking Charge: दिल्ली में पार्किंग चार्ज चार गुना बढ़ने वाले हैं। जब भी शहर में प्रदूषण का स्तर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज- II तक पहुंच जाएगा, तो दिल्ली नगर निगम पार्किंग चार्ज में चार गुना बढ़ोतरी कर सकता है। ऐसा प्रपोजल एमसीडी ने दिया है। अगर ये नियम लागू होता है दिल्ली में पार्किंग करना कई गुना महंगा हो जाएगा। दिल्ली में घंटे के हिसाब से पार्किंग चार्ज है। यहां एरिया के मुताबिक 50 रुपये से 100 रुपये पार्किंग चार्ज चुकाना पड़ता है। बाइक के लिए यही चार्ज एरिया के मुताबिक 20 रुपये से शुरू है। पार्किंग चार्ज चार गुना होने पर यही पार्किंग चार्ज 200 रुपये से 400 रुपये तक हो सकता है।
दिल्ली पार्किंग चार्ज में बढ़ाने का ये है कारण
बैठक के एजेंडे के अनुसार दिल्ली और इसके आसपास के एरिया में एयर क्वालिटी मैनेजमेंट आयोग के निर्देशानुसार ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण- II के तहत पार्किंग चार्ज में चार गुना बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य शहर में वाहनों की आवाजाही के कारण होने वाले प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना है। दिल्ली से जुड़ने वाले 13 प्रमुख सड़क के एंट्री प्वाइंट टोल-कलेक्शन सिस्टम एग्रीमेंट का विस्तार करने का एक और प्रस्ताव भी प्रशासनिक मंजूरी के लिए एमसीडी हाउस में पेश किए जाने की संभावना है। निगम मुख्यालय में एमसीडी हाउस की बैठक आज 27 जून को होनी है।
ये हैं 13 एंट्री प्वाइंट और 65 टोल लेन
नागरिक निकाय ने राष्ट्रीय राजधानी में 65 टोल लेन को कवर करने वाले 13 प्रमुख एंट्री प्वाइंट पर अपने आरएफआईडी-आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन प्रणाली के अनुबंध के विस्तार को भी तत्काल कार्य के रूप में लिस्ट किया है। इन प्रमुख टोल प्लाजा में कुंडली, रजोकरी, टिकरी, आया नगर, कालिंदी कुंज, कापसहेड़ा, डीएनडी टोल ब्रिज, बदरपुर-फरीदाबाद (मुख्य), बदरपुर-फरीदाबाद, शाहदरा (मुख्य), शाहदरा (फ्लाईओवर), गाजीपुर (मुख्य) और गाजीपुर शामिल हैं।
आरएफआईडी सिस्टम (RFID) को कॉन्ट्रेक्टर-टेक्सिडेल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड लिमिटेड और जीएचवी (India) प्रा. लिमिटेड (JV) के माध्यम से ईपीसीए/सीएक्यूएम की निगरानी/निर्देशन के तहत 5 साल के ओ एंड एम (O&M) सहित 80.95 करोड़ रुपये और जीएसटी 18 प्रतिशत की कुल लागत पर 13 स्थानों पर स्थापित किया गया है। मौजूदा कॉन्ट्रेक्ट 25 नवंबर 2024 को समाप्त होने वाला है। नागरिक निकाय ने मौजूदा ठेकेदारों के साथ समझौते को 2026 तक दो साल के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।