दिल्ली में राशन कार्ड की 7.71 लाख नई वैकेंसी, इस डायरेक्ट लिंक से करें अप्लाई और सरकारी सुविधा का लाभ उठाएं, एलिबिलिटी भी जानें
Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि गहन ऑडिट के बाद सरकार ने आय मानदंड को पूरा न करने वाले 1.44 लाख लाभार्थियों, राशन प्राप्त न करने वाले 35,800 लाभार्थियों, मृत पाए गए 29,580 लाभार्थियों को हटा दिया है। जबकि 23,394 राशन कार्ड डुप्लिकेट पाए गए। अप्लाई करने के लिए सभी डिटेल्स जारी कर दिए गए हैं
Delhi News: दिल्ली में राशन कार्ड की 7.71 लाख नई वैकेंसी निकली है
Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार (21 मई) को कहा कि दिल्ली सरकार ने सात लाख से अधिक राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं। जबकि नए राशन कार्ड जारी करने के लिए आय सीमा को बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये प्रति वर्ष किया जाएगा। गुप्ता ने पत्रकारों से कहा कि दिल्ली सरकार ने लगभग 7.72 लाख अमान्य राशन कार्ड रद्द कर दिए हैं और ऑनलाइन नए आवेदन आमंत्रित किए हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में पिछले 13 वर्षों में कोई राशन कार्ड जारी नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "गहन ऑडिट के बाद, सरकार ने आय मानदंड को पूरा न करने वाले 1.44 लाख लाभार्थियों, राशन प्राप्त न करने वाले 35,800 लाभार्थियों, मृत पाए गए 29,580 लाभार्थियों को हटा दिया, जबकि 23,394 राशन कार्ड डुप्लिकेट पाए गए।" फिलहाल, दिल्ली में राशन कार्ड के लिए पात्र होने की आय सीमा 1.2 लाख रुपये प्रति वर्ष निर्धारित है।
गुप्ता ने कहा कि यह बढ़ोतरी जरूरतमंद लोगों की अधिकतम संख्या को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने बताया कि आय में बढ़ोतरी के फैसले को अगली कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी जाएगी।इसके अलावा CMO के X हैंडल से सीएम रेखा गुप्ता के हवाले से एक पोस्ट में कहा गया है, "पिछले 13 साल से दिल्ली की जनता, लाखों गरीब लोगों को नए राशन कार्ड बनाने का मौका कभी नहीं मिला। नए राशन कार्ड बनाने का काम हमने शुरू किया है। पहले हमने राशन की व्यवस्थाओं का व्यापक ऑडिट किया।"
सीएम ने आगे कहा, "लगभग 1 लाख 44 हजार लोग ऐसे थे जो इनकम क्राइटेरिया के ऊपर थे और 35,800 लोग ऐसे थे जिन्होंने एक साल से राशन लिया ही नहीं था। यानी उनको राशन की जरूरत ही नहीं थी। हजारों राशन कार्ड धारकों का नाम उनके निधन के बाद भी लिस्ट में था। कई डुप्लीकेट केसेस भी थे। सबको हटाकर 7.71 लाख+ वैकेंसी बनी है।"
NFS कार्ड के लिए कौन एलिजिबल है?
NFS एक्ट 2013 के तहत जारी गाइडलाइंस के अनुसार, NFS कार्ड जारी करने के लिए तय एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया इस तरह हैं:-
1. झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोग
2. F, G और H कैटेगरी की रिसेटलमेंट कॉलोनी में रहने वाले
3. गांव के गांवों में नोटिफाइड आबादी में रहने वाले
4. शेल्टरलेस
5. ट्रांसजेंडर
6. दिव्यांग लोगों वाले घर (जैसा कि पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज एक्ट 1955 में बताया गया है) जिन्हें बताया गया मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करना होगा।
7. अकेली महिला (जिसमें विधवा, अविवाहित और अलग रह रही और छोड़ी हुई महिलाएं शामिल हैं), जो घर में डिपेंडेंट या घर के हेड के तौर पर रह रही हों।
8. बिना प्रोटेक्शन के रहने वाले बच्चे।
9. रैग-पिकर्स जैसे ऑक्यूपेशनल रूप से कमजोर ग्रुप्स अनस्किल्ड ऑक्यूपेशनल रूप से कमजोर ग्रुप्स जैसे रैग-पिकर्स अप्लाई कर सकते हैं। इसके अलावा अनस्किल्ड कंस्ट्रक्शन वर्कर्स, पोर्टर्स, कैजुअल डेली वेज लेबर, कैजुअल डोमेस्टिक वर्कर्स, साइकिल रिक्शा ड्राइवर, छोटे घरेलू एंटरप्राइजेज में अनस्किल्ड वर्कर्स, घरेलू इंडस्ट्रीज में अनस्किल्ड वर्कर्स वर्कर्स, साइकिल रिक्शा ड्राइवर्स, छोटे घरेलू एंटरप्राइजेज में अनस्किल्ड वर्कर्स भी कार्ड बनवा सकते हैं।
NFS कार्ड का HOF कौन हो सकता है?
परिवार की सबसे बड़ी महिला सदस्य (18 वर्ष या उससे अधिक)।
अगर 18 साल से ज्यादा उम्र की कोई महिला सदस्य नहीं है, तो HoF कौन हो सकता है?
बड़े पुरुष सदस्य
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कैसे करें?
e-District पोर्टल यानी https://www.edistrict.delhigovt.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करें। इसके लिए पोर्टल पर रजिस्टर करें। फिर उसमे दिए गए निर्देशों का पालन करें। जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और उन्हें सबमिट कर दें। आप 'Mobile Sahayak' की मदद से भी अप्लाई कर सकते हैं। या भरा हुआ फॉर्म और जरूरी दस्तावेज लेकर संबंधित Circle Office जा सकते हैं।