Lakhpati Bitiya Yojana: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि उनकी सरकार 2008 की 'लाडली योजना' की जगह अप्रैल 2026 में 'दिल्ली लखपति बिटिया योजना' शुरू करेगी। गुप्ता ने मंगलवार (10 फरवरी) को एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि यह योजना महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2008 में शुरू की गई मौजूदा 'दिल्ली लाडली योजना' का अपग्रेडेड वर्शन होगी। इस योजना के तहत दिल्ली की लड़कियों को जन्म से लेकर ग्रेजुएशन तक 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, "हम 1 अप्रैल को अपग्रेडेड योजना शुरू करेंगे और पुरानी लाडली योजना को बंद कर देंगे।" सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि नई योजना के तहत सरकार हर लाभार्थी को ₹56,000 तक की आर्थिक मदद देगी। यह रकम शिक्षा और उम्र के अलग-अलग स्टेज के आधार पर किश्तों में दी जाएगी। इसकी शुरुआत जन्म से होगी और ग्रेजुएशन या डिप्लोमा लेवल की पढ़ाई तक जारी रहेगी।
सीएम ने कहा कि एक स्ट्रक्चर्ड फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट के जरिए निवेश की गई जमा रकम समय के साथ बढ़ेगी। साथ ही मैच्योरिटी पर सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक अकाउंट में जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए सरकार जल्द ही एक अलग डिजिटल पोर्टल बनाएगी। गुप्ता ने कहा कि अपग्रेडेड स्कीम को लागू करने में लगभग ₹160 करोड़ का फाइनेंशियल खर्च आएगा। इस योजना के तहत हर परिवार की दो लड़कियों को फाइनेंशियल मदद दी जाएगी।
घर की 2 बच्चियों को मिलेगा लाभ
रेखा गुप्ता ने कहा, "हम लाडली योजना को बंद कर देंगे और इसकी जगह नई योजना खोलेंगे जिसका नाम होगा दिल्ली लखपति बिटिया योजना। जिसमें हम हर बच्ची को जो दिल्ली की निवासी है जिसका परिवार दिल्ली में रहता होगा उनके घर की 2 बच्चियों को लाभ देंगे। इसमें 20 हजार की राशि बढ़ाई जाएगी।"
उन्होंने कहा, "पहले जो 36000 था उसे हमने 56000 किया है। 12वीं में पहुंचने पर नहीं ग्रेजुएशन करने पर आपको ये मैच्योरिटी मिलती है जिसमें कम से कम 1 लाख मिलेंगे। हमारा प्रयास रहेगा कि दिल्ली की सभी बेटियां जो इसमें आती हैं उन्हें इसमें जोड़ा जाए। हम कुछ शर्ते लगाएंगे। 18 साल से पहले अगर मां-बाप उसकी शादी करते हैं तो इस योजना का लाभ उसे नहीं मिलेगा।"
₹100 करोड़ बांटने का प्लान
मुख्यमंत्री ने कहा, "जब हम सत्ता में आए तो हमें पता चला कि इस स्कीम के लिए फंड बैंकों में बिना इस्तेमाल के पड़े थे। हमारी सरकार ने लगभग 41,000 बेनिफिशियरी लड़कियों की पहचान की है, जिन्हें हम ₹100 करोड़ बांटने का प्लान बना रहे हैं।" उन्होंने कहा, "यह हमारी लड़कियों और इस देश के भविष्य के लिए एक इन्वेस्टमेंट है। फंड की कमी की वजह से कोई भी लड़की पढ़ाई से नहीं चूकेगी।"
गुप्ता ने कहा कि जब मौजूदा सरकार ने ऑफिस संभाला, तो पाया गया कि बड़ी संख्या में मैच्योर लाडली योजना अकाउंट बिना क्लेम के पड़े थे। उन्होंने कहा, "1.86 लाख से ज्यादा मैच्योर अकाउंट बिना क्लेम के पड़े थे, जिसका मतलब है कि हमारी बेटियों के लिए तय फंड उन तक समय पर नहीं पहुंचा।"
किसे मिलेगा स्कीम का लाभ?
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडली स्कीम को अब "लखपति बिटिया योजना" के नाम से जाना जाएगा। ताकि इसका मजबूत वर्जन दिखाया जा सके जिसे लंबे समय तक असर डालने के लिए डिजाइन किया गया है। यह स्कीम दिल्ली में जन्मी लड़कियों पर लागू होगी।
रेखा गुप्ता ने कहा, "यह योजना दिल्ली में जन्मी उन लड़कियों पर लागू होगी जिनके परिवार कम से कम तीन साल से शहर में रह रहे हों और जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 1.20 लाख रुपये से अधिक न हो। इस योजना का लाभ प्रति परिवार दो जीवित लड़कियों तक सीमित है।"