Diwali 2022: आपको गोल्ड और शेयरों में से किसमें करना चाहिए निवेश?

अगर आपका जोर रिटर्न से ज्यादा सेफ्टी पर है तो फिर आप गोल्ड में निवेश करने के बारे में सोच सकते हैं। इसकी वजह यह है कि शेयरों की तरह गोल्ड की कीमतों में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलता है

अपडेटेड Oct 24, 2022 पर 12:49 PM
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आप 24 अक्टूबर (सोमवार) को पूरे दिन सोना खरीद सकते हैं।

Diwali 2022: दिवाली पर आपके सामने गोल्ड (Gold) और शेयर (Shares) दोनों में निवेश करने का विकल्प खुला है। आप 24 अक्टूबर (सोमवार) को पूरे दिन सोना खरीद सकते हैं। शेयरों में पैसे लगाने के लिए आपको मुहूर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading) का इंतजार करना होगा। बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) दोनों ही स्टॉक एक्सचेंजों में दिवाली के दिन शाम में मुहूर्त ट्रेडिंग होगी। जिस तरह दिवाली पर सोने में निवेश शुभ माना जाता है, उसी तरह मुहूर्त ट्रेडिंग में शेयर खरीदना शुभ माना जाता है।

सवाल है कि इस बार दिवाली पर आपको गोल्ड और शेयरों में से किसमें निवेश करना चाहिए? एक्सपर्ट्स का कहना है कि दोनों निवेश के बेहतर विकल्प हैं। लेकिन, दोनों के रिटर्न में काफी अंतर देखने को मिलता है। इसलिए दिवाली पर किसमें निवेश करना फायदेमंद रहेगा, इस सवाल का जवाब कई बातों पर निर्भर करता है। जैसे अगर कोई निवेशक बेहतर रिटर्न के लिए निवेश करना चाहता है तो उसे शेयरों में निवेश करना चाहिए। लंबी अवधि (करीब 10 साल) में शेयरों से बहुत अच्छा रिटर्न मिलता है। शेयरों ने किसी खास टाइम-फ्रेम में ज्यादातर गोल्ड के मुकाबले ज्यादा रिटर्न दिया है।

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पिछले एक दशक में शेयरों का रिटर्न 11-14 (इंडेक्स के हिसाब से) फीसदी CAGR बीच रहा है। इसके मुकाबले गोल्ड का रिटर्न 6 फीसदी सीएजीआर रहा है। इससे साफ है कि शेयरों ने रिटर्न के मामले में बड़े अंतर से गोल्ड को मात दी है। यह सिर्फ एक दशक का उदाहरण है। अलग-अलग टाइम फ्रेम में दोने के रिटर्न की तुलना करने पर ज्यादातर बार शेयरों का रिटर्न गोल्ड के मुकाबले ज्यादा रहा है। इससे यह स्पष्ट है कि अगर आपका जोर ज्यादा रिटर्न कमाने पर है तो आपको गोल्ड की जगह शेयरों में निवेश करना चाहिए।


अगर आपका जोर रिटर्न से ज्यादा सेफ्टी पर है तो फिर आप गोल्ड में निवेश करने के बारे में सोच सकते हैं। इसकी वजह यह है कि शेयरों की तरह गोल्ड की कीमतों में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिलता है। किसी महामारी, युद्ध, मंदी जैसी स्थितियों में शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आती है। 2020 में कोरोना की महामारी का उदाहरण हमारे सामने है। इसी तरह 2008 में ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के वक्त इंडिया सहित दुनियाभर के शेयर बाजारों में बहुत बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। इसके उलट मुश्किल वक्त में सोने की चमक बढ़ जाती है। यही वजह है कि सोने को निवेश का सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है। युद्ध, महामारी जैसी स्थितियों में शेयरों की कीमतें अर्श से फर्श पर आ सकती हैं। लेकिन, सोने के मामले में ऐसा नहीं होता है।

यह साल (2022) शेयर बाजारों के लिए अच्छा नहीं रहा है। दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली है। इस साल शेयरों का रिटर्न निगेटिव रहा है। अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक एसएंडपी 500 में करीब 25 फीसदी गिरावट आई है। इसके मुकाबले इंडियन मार्केट्स में कम गिरावट आई है। यह करीब 3 फीसदी गिरा है। इसके मुकाबले गोल्ड का रिटर्न पॉजिटिव रहा है। इस साल जनवरी में एमीसीएक्स में गोल्ड का प्राइस 48,350 रुपये प्रति 10 ग्राम था। इसके मुकाबले 21 अक्टूबर में एमसीएक्स में गोल्ड का प्राइस 51,003 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि डायवर्सिफिकेशन के लिए कुछ पैसा गोल्ड में लगाना समझदारी है। वे पोर्टफोलियो का 10 फीसदी गोल्ड में निवेश करने की सलाह देते है। इसलिए इस बार आप इनवेस्टमेंट को लेकर अपने नजरिए के हिसाब से शेयरों और गोल्ड दोनों में निवेश कर सकते हैं। अगर आप गोल्ड ज्वेलरी में निवेश करना चाहते हैं तो आपको सिर्फ हॉलमार्क वाले ज्वेलरी खरीदने चाहिए। देश के 280 शहरों में हॉलमार्किंग अनिवार्य है।

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